{"_id":"6a48f6bffdb52877d50e69ef","slug":"hydrogen-train-ran-non-stop-on-the-panipat-route-jind-news-c-199-1-sroh1006-156192-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: पानीपत रूट पर रन थ्रू दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: पानीपत रूट पर रन थ्रू दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन
Sun, 05 Jul 2026 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 05 Jul 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
फोटो 04जेएनडी12-जींद जंक्शन पर खड़ी हाइड्रोजन ट्रेन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शनिवार को पानीपत रूट पर रन थ्रू हाई स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेन को 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। हाइड्रोजन ट्रेन का हाई स्पीड परीक्षण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और सभी तकनीकी मानकों पर इसकी लगातार जांच की जा रही हैं।
शनिवार ट्रेन को 70 से लेकर 120 किमी. की रफ्तार से चलाया गया। ट्रेन ने जींद और पानीपत के बीच दो चक्कर लगाए। ट्रायल के दौरान रेलवे इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम यात्रा पर नजर बनाए रही। ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की कार्यक्षमता, सिग्नलिंग, ट्रैक पर संतुलन और अन्य तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
रन थ्रू ट्रायल के दौरान ट्रेन को बिना अनावश्यक ठहराव के निर्धारित रूट पर दौड़ाकर उसके प्रदर्शन का आकलन किया गया। पिछले कई दिनों से अलग-अलग रूटों पर चरणबद्ध तरीके से हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण किया जा रहा है। अब अंतिम चरण में हाई स्पीड ट्रायल के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ट्रेन निर्धारित गति पर पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके।
विज्ञापन
यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो जल्द ही इसे नियमित संचालन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
शनिवार ट्रेन को 70 से लेकर 120 किमी. की रफ्तार से चलाया गया। ट्रेन ने जींद और पानीपत के बीच दो चक्कर लगाए। ट्रायल के दौरान रेलवे इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम यात्रा पर नजर बनाए रही। ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की कार्यक्षमता, सिग्नलिंग, ट्रैक पर संतुलन और अन्य तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
विज्ञापन
रन थ्रू ट्रायल के दौरान ट्रेन को बिना अनावश्यक ठहराव के निर्धारित रूट पर दौड़ाकर उसके प्रदर्शन का आकलन किया गया। पिछले कई दिनों से अलग-अलग रूटों पर चरणबद्ध तरीके से हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण किया जा रहा है। अब अंतिम चरण में हाई स्पीड ट्रायल के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ट्रेन निर्धारित गति पर पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके।
विज्ञापन
यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो जल्द ही इसे नियमित संचालन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।