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Jind News: अवैध सीवरेज कनेक्शन पर एचएसवीपी सख्त, 700 घरों में भेजा नोटिस
Tue, 15 Apr 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 15 Apr 2025 11:59 PM IST
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15जेएनडी11-शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय का फोटो। संवाद
- फोटो : गुड्डी देवी की फाइल फोटो।
जींद। अर्बन एस्टेट में 15 से 20 सालों से 700 से ज्यादा मकानों में अवैध रूप से सीवरेज कनेक्शन चल रहे हैं। ऐसे मकान मालिकों को एचएसवीपी ने नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। कनेक्शन को नियमित करवाने के लिए निर्धारित फीस के साथ-साथ बकाया बिल जुर्माना सहित जमा कराना होगा। ऐसे में मकान मालिक को सीवरेज कनेक्शन नियमित कराने के लिए जुर्माना सहित औसतन 8 से 10 हजार रुपये देने होंगे।
वहीं मकान मालिकों का कहना है कि जानकारी के अभाव में वे सीवरेज कनेक्शन के लिए प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। एचएसवीपी पेयजल और सीवरेज का बिल भेजता है। इसमें सीवरेज और पेयजल बिल की राशि शामिल होती है। इस बिल में सीवरेज का चार्ज शामिल है या नहीं, यह एचएसवीपी अधिकारियों को देखना था। काफी सालों बाद अचानक नोटिस भेज देना गलत है। बता दें कि एचएसवीपी के अधीन आने वाले क्षेत्र में मकान निर्माण के समय पानी का कनेक्शन लेना होता है। वहीं मकान का निर्माण पूरा होने के बाद सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन करना होता है। काफी मकान मालिकों ने मकान निर्माण के समय पेयजल कनेक्शन तो ले लिया, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया। बगैर आवेदन के ही सीवरेज कनेक्शन जोड़ लिया। एचएसवीपी अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन परिवारों के पास लंबे समय से केवल पेयजल का बिल एचएसवीपी भेजता रहा। अब ये मामला पकड़ में आया, तो एचएसवीपी ने नोटिस भेजने शुरू किए।
मकान निर्माण के समय पेयजल कनेक्शन लेना होता है और मकान का निर्माण पूरा होने के बाद सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन करना होता है। अर्बन एस्टेट में 700 से ज्यादा मकान मालिकों ने सीवरेज कनेक्शन नहीं लिए हुए हैं। ऐसे मकान मालिकों को कनेक्शन नियमित करवाने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्हें कनेक्शन नियमित कराने को लेकर दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा गया है।
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-रोहित जेई, एचएसवीपी।
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वहीं मकान मालिकों का कहना है कि जानकारी के अभाव में वे सीवरेज कनेक्शन के लिए प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। एचएसवीपी पेयजल और सीवरेज का बिल भेजता है। इसमें सीवरेज और पेयजल बिल की राशि शामिल होती है। इस बिल में सीवरेज का चार्ज शामिल है या नहीं, यह एचएसवीपी अधिकारियों को देखना था। काफी सालों बाद अचानक नोटिस भेज देना गलत है। बता दें कि एचएसवीपी के अधीन आने वाले क्षेत्र में मकान निर्माण के समय पानी का कनेक्शन लेना होता है। वहीं मकान का निर्माण पूरा होने के बाद सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन करना होता है। काफी मकान मालिकों ने मकान निर्माण के समय पेयजल कनेक्शन तो ले लिया, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया। बगैर आवेदन के ही सीवरेज कनेक्शन जोड़ लिया। एचएसवीपी अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन परिवारों के पास लंबे समय से केवल पेयजल का बिल एचएसवीपी भेजता रहा। अब ये मामला पकड़ में आया, तो एचएसवीपी ने नोटिस भेजने शुरू किए।
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मकान निर्माण के समय पेयजल कनेक्शन लेना होता है और मकान का निर्माण पूरा होने के बाद सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन करना होता है। अर्बन एस्टेट में 700 से ज्यादा मकान मालिकों ने सीवरेज कनेक्शन नहीं लिए हुए हैं। ऐसे मकान मालिकों को कनेक्शन नियमित करवाने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्हें कनेक्शन नियमित कराने को लेकर दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा गया है।
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-रोहित जेई, एचएसवीपी।