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Jind News: प्राइवेट एजेंसियों के ऊंचे भाव ने रोकी सरसों की सरकारी खरीद, एक भी किसान नहीं पहुंचा
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28जेएनडी06-अनाज मंडी में पहुंची सरसों की सफाई करते मजदूर। संवाद
जींद। सरसों की सरकारी खरीद के पहले दिन कोई भी किसान सरकारी खरीद एजेंसी पर सरसों लेकर नहीं पहुंचा। इसका कारण यह था कि प्राइवेट खरीद एजेंसियों पर किसानों को सरसों का ज्यादा भाव मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने शनिवार से सरसों की सरकारी खरीद निर्धारित की है।
खरीद को लेकर प्रशासन ने जींद, उचाना, जुलाना, नरवाना और सफीदों की अनाज मंडी निर्धारित की हुई है। गेट पास को लेकर भी मशीन लगाई हुई थी। गेट पास के लिए किसानों को कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन पहले ही दिन खरीद शुरू नहीं हुई।
प्राइवेट खरीद एजेंसियां सरसों का भाव सात हजार से 7100 रुपये प्रति क्विंटल तक दे रही है जो कि सरकार के 6200 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले काफी अधिक है। हालांकि सरसों फसल की खरीद के लिए नमी की मात्रा आठ प्रतिशत होनी चाहिए जबकि फिलहाल सरसों की फसल में नमी की मात्रा 15 प्रतिशत से भी ऊपर है।
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यही कारण है कि कई किसान सरकारी खरीद के इंतजार के बजाय सीधे प्राइवेट व्यापारियों को अपनी फसल बेचने में रुचि दिखा रहे हैं। मंडियों में निजी एजेंट सक्रिय हैं और मौके पर ही सौदे तय कर रहे हैं। खास बात यह है कि निजी एजेंसियां सरसों की गुणवत्ता जांचने के लिए मौके पर ही नमूने से तेल निकालकर मूल्यांकन कर रही हैं।
मूल्यांकन के आधार पर फसल की कीमत तय की जा रही है। अच्छी गुणवत्ता वाली सरसों के लिए किसानों को ज्यादा भाव मिल रहा है जबकि नमी या अन्य खामियों के कारण कुछ किसानों को कम कीमत भी मिल रही है।
बॉक्स
प्राइवेट खरीद एजेंसी पर तुरंत सरसों की फसल बिक रही है। वहीं अच्छे भाव भी मिल रहे हैं जबकि सरकारी खरीद केंद्र पर सरसों में नमी की मात्रा आठ प्रतिशत होने के बाद बिक पाएगी, लेकिन प्राइवेट खरीद एजेंसी ज्यादा नमी होने के बाद भी अच्छे भाव पर खरीद रही है।
-शीशा सिंह, घिमाना
बॉक्स
उन्होंने डेढ़ एकड़ में सरसों की फसल उगाई थी। वह सरसों की फसल बेचने आए थे। प्राइवेट खरीद एजेंसी पर उन्हें सरसों का अच्छा भाव मिला है। प्राइवेट खरीद एजेंसी पर सरसों की फसल बेचने के लिए सुखाने या साफ करने का भी झंझट नहीं है।
-सुरेश, सिवाहा
वर्जन
शनिवार को जिले में कहीं भी सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई क्योंकि किसी भी सरकारी खरीद एजेंसी पर किसान सरसों की फसल लेकर नहीं पहुंचा। फिलहाल बाजार में सरसों के ज्यादा भाव मिल रहे हैं। खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी हैं।
-संदीप पूनिया, डीएम, हैफेड
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खरीद को लेकर प्रशासन ने जींद, उचाना, जुलाना, नरवाना और सफीदों की अनाज मंडी निर्धारित की हुई है। गेट पास को लेकर भी मशीन लगाई हुई थी। गेट पास के लिए किसानों को कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन पहले ही दिन खरीद शुरू नहीं हुई।
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प्राइवेट खरीद एजेंसियां सरसों का भाव सात हजार से 7100 रुपये प्रति क्विंटल तक दे रही है जो कि सरकार के 6200 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले काफी अधिक है। हालांकि सरसों फसल की खरीद के लिए नमी की मात्रा आठ प्रतिशत होनी चाहिए जबकि फिलहाल सरसों की फसल में नमी की मात्रा 15 प्रतिशत से भी ऊपर है।
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यही कारण है कि कई किसान सरकारी खरीद के इंतजार के बजाय सीधे प्राइवेट व्यापारियों को अपनी फसल बेचने में रुचि दिखा रहे हैं। मंडियों में निजी एजेंट सक्रिय हैं और मौके पर ही सौदे तय कर रहे हैं। खास बात यह है कि निजी एजेंसियां सरसों की गुणवत्ता जांचने के लिए मौके पर ही नमूने से तेल निकालकर मूल्यांकन कर रही हैं।
मूल्यांकन के आधार पर फसल की कीमत तय की जा रही है। अच्छी गुणवत्ता वाली सरसों के लिए किसानों को ज्यादा भाव मिल रहा है जबकि नमी या अन्य खामियों के कारण कुछ किसानों को कम कीमत भी मिल रही है।
बॉक्स
प्राइवेट खरीद एजेंसी पर तुरंत सरसों की फसल बिक रही है। वहीं अच्छे भाव भी मिल रहे हैं जबकि सरकारी खरीद केंद्र पर सरसों में नमी की मात्रा आठ प्रतिशत होने के बाद बिक पाएगी, लेकिन प्राइवेट खरीद एजेंसी ज्यादा नमी होने के बाद भी अच्छे भाव पर खरीद रही है।
-शीशा सिंह, घिमाना
बॉक्स
उन्होंने डेढ़ एकड़ में सरसों की फसल उगाई थी। वह सरसों की फसल बेचने आए थे। प्राइवेट खरीद एजेंसी पर उन्हें सरसों का अच्छा भाव मिला है। प्राइवेट खरीद एजेंसी पर सरसों की फसल बेचने के लिए सुखाने या साफ करने का भी झंझट नहीं है।
-सुरेश, सिवाहा
वर्जन
शनिवार को जिले में कहीं भी सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई क्योंकि किसी भी सरकारी खरीद एजेंसी पर किसान सरसों की फसल लेकर नहीं पहुंचा। फिलहाल बाजार में सरसों के ज्यादा भाव मिल रहे हैं। खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी हैं।
-संदीप पूनिया, डीएम, हैफेड

28जेएनडी06-अनाज मंडी में पहुंची सरसों की सफाई करते मजदूर। संवाद

28जेएनडी06-अनाज मंडी में पहुंची सरसों की सफाई करते मजदूर। संवाद