{"_id":"65eb55ec4dc1723d7f028976","slug":"high-court-rejects-the-petition-of-the-hospital-performing-abortion-jind-news-c-199-1-sroh1007-114082-2024-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: हाईकोर्ट ने गर्भपात करने वाले अस्पताल की याचिका खारिज की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: हाईकोर्ट ने गर्भपात करने वाले अस्पताल की याचिका खारिज की
Fri, 08 Mar 2024 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 08 Mar 2024 11:46 PM IST
विज्ञापन
जींद। फरवरी 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने नरवाना के शुभम जनरल एवं मैटरनिटी अस्पताल पर छापा डालकर वहां से गर्भपात करवाने का सामान बरामद किया था। नरवाना पुलिस ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया की शिकायत पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब अस्पताल संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके एफआईआर को झूठा बताते हुए रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि जो सबूत उस समय मिले थे वह पर्याप्त है। एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती, इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फरवरी 2021 में शुभम अस्पताल से डॉ. शोभना तथा उनके सहायक को गर्भपात करवाते हुए पकड़ा था। गर्भपात करने के लिए एमटीपी किट का प्रयोग किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से एमटीपी किट के खाली पत्ते बरामद किए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील करके महिला चिकित्सक व उसके सहायक के खिलाफ शहर थाना नरवाना में शिकायत दी थी। इसके बाद उन पर मामला दर्ज किया गया था। यह मामला अब नरवाना की अदालत में विचाराधीन है। डॉ. शोभना ने हाईकोर्ट में एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की है। यह इस प्रकार के गैर कानून काम करने वालों के खिलाफ एक सबक है। गर्भपात करने वाले बंद होंगे तो ही प्रदेश में बेटियां बचेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फरवरी 2021 में शुभम अस्पताल से डॉ. शोभना तथा उनके सहायक को गर्भपात करवाते हुए पकड़ा था। गर्भपात करने के लिए एमटीपी किट का प्रयोग किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से एमटीपी किट के खाली पत्ते बरामद किए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील करके महिला चिकित्सक व उसके सहायक के खिलाफ शहर थाना नरवाना में शिकायत दी थी। इसके बाद उन पर मामला दर्ज किया गया था। यह मामला अब नरवाना की अदालत में विचाराधीन है। डॉ. शोभना ने हाईकोर्ट में एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की है। यह इस प्रकार के गैर कानून काम करने वालों के खिलाफ एक सबक है। गर्भपात करने वाले बंद होंगे तो ही प्रदेश में बेटियां बचेंगी।
विज्ञापन