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Jind News: डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने खोजे लार्वा
Fri, 03 May 2024 01:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 03 May 2024 01:06 AM IST
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02जेएनडी01: घर में रखी पानी की टंकी की जांच करते हुए स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत झांझ खुर्द, ईक्कस व दरियावाला गांव में वीरवार को स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा रैपिड फीवर मास सर्वे किया गया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने बुखार पीड़ितों की रक्त पट्टिका बनाई और घरों के टंकी, कूलर, हौदी, ड्रम, फ्रिज के पीछे लगी वेस्ट ट्रे, छतों पर पड़े कबाड़ में लार्वा की जांच की गई। मलेरिया से बचाव बारे पंफ्लेट भी बांटे गए।
राजेश कुमार ने कहा कि सर्वे के दौरान नुक्कड़ सभाएं करके आम जनता को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दे और मलेरिया से बचाव बारे जागरूक करें। उन्होंने बताया कि मलेरिया बुखार संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से होता है जोकि पानी में अपना जीवनचक्र पूरा करता है। मलेरिया बुखार के लक्षण बताते हुए कहा कि इसमें कंपकपी के साथ बुखार आता है और पसीना आकर बुखार उतर जाता है। इसके अलावा सिर दर्द, उल्टी व दस्त, चक्कर आना, जी मचलना व पूरे शरीर मे थकावट होती है। उन्होंने कहा कि अपने आसपास पानी न खड़ा होने दें, अगर पानी खड़ा है तो उसमें काला तेल डाल दें। कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदल दें। मच्छरदानी लगाकर सोएं और ध्यान रखें कि उस पर मच्छर मारने वाली दवा लगी हो व उसमें कोई छेद न हो और वह कहीं से फटी न हो तथा वह अच्छी तरह लगी हो ताकि मच्छर अंदर न आएं। इस अवसर पर सुशील शर्मा, दिनेश, रामदयाल, ओमप्रकाश शर्मा, पवन, इंदु शर्मा, सुदेश, रीना, राजवंती, श्यामो देवी व कमलेश देवी मौजूद थी।
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राजेश कुमार ने कहा कि सर्वे के दौरान नुक्कड़ सभाएं करके आम जनता को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दे और मलेरिया से बचाव बारे जागरूक करें। उन्होंने बताया कि मलेरिया बुखार संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से होता है जोकि पानी में अपना जीवनचक्र पूरा करता है। मलेरिया बुखार के लक्षण बताते हुए कहा कि इसमें कंपकपी के साथ बुखार आता है और पसीना आकर बुखार उतर जाता है। इसके अलावा सिर दर्द, उल्टी व दस्त, चक्कर आना, जी मचलना व पूरे शरीर मे थकावट होती है। उन्होंने कहा कि अपने आसपास पानी न खड़ा होने दें, अगर पानी खड़ा है तो उसमें काला तेल डाल दें। कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदल दें। मच्छरदानी लगाकर सोएं और ध्यान रखें कि उस पर मच्छर मारने वाली दवा लगी हो व उसमें कोई छेद न हो और वह कहीं से फटी न हो तथा वह अच्छी तरह लगी हो ताकि मच्छर अंदर न आएं। इस अवसर पर सुशील शर्मा, दिनेश, रामदयाल, ओमप्रकाश शर्मा, पवन, इंदु शर्मा, सुदेश, रीना, राजवंती, श्यामो देवी व कमलेश देवी मौजूद थी।

02जेएनडी01: घर में रखी पानी की टंकी की जांच करते हुए स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
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