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नागरिक अस्पताल की दो दिन बाद चरमरा सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था

Tue, 22 Jun 2021 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:42 PM IST
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Health system may collapse after two days of civil hospital
सिविल सर्जन से एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद - फोटो : Jind
कोरोना काल में नागरिक अस्पताल की व्यवस्था सुचारु रूप से चली। लेकिन अब यह चरमराने वाली है। अस्पताल में आउटसोर्स का ठेका लेने वाली कंपनी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। कमेटी ने सिविल सर्जन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि कंपनी संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया तो वे शुक्रवार से काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर देंगे। यदि ऐसा हुआ तो अस्पताल की व्यवस्था चरमरा जाएगी। इस समय टीकाकरण, कोरोना सैंपलिंग, तीसरी लहर से निपटने की तैयारी, मलेरिया व डेंगू से निपटने में अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारी व्यस्त हैं। यदि अस्पताल में हड़ताल हुई तो यह सभी कार्य प्रभावित होंगे। इसका सीधा असर जनता को भुगतना पड़ेगा।
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स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी के संयोजक बलबीर सिंह, राज्य सलाहकार राजबीर बेरवाल के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों की मंगलवार को गेट मीटिंग के दौरान सिविल सर्जन से काफी खींचतान हुई। राजबीर बेरवाल ने कहा कि आउटसोर्स एजेंसी एमजे सोलंकी के संचालक मनमानी कर रहे हैं। इस कंपनी ने 26 अप्रैल को आउटसोर्स का ठेका लिया था। लेकिन आज तक कर्मचारियों की सूची जारी नहीं की है। नियमानुसार तुरंत सूची जारी करनी होती है। एजेंसी के लोग पैसे लेकर यहां पर नौकरियों की बंदरबांट कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य महानिदेशक के लिखित आदेश हैं कि पुराने कर्मचारियों नहीं हटाया जाएगा, इसके बावजूद एजेंसी के लोग पुराने कर्मचारियों को हटा रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी के लोग कर्मचारियों को प्रताड़ित करते हैं। सरकारी कार्य में बाधा डालते हैं और मनमानी करते हैं। यह सभी किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। इस एजेंसी को पहले ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। अब हरियाणा सरकार ने किस आधार पर एजेंसी को आउटसोर्स का ठेका दे दिया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि शुक्रवार तक एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाई और कंपनी ने कर्मचारियों की सूची जारी नहीं की तो वह शुक्रवार सुबह काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर देंगे। तब तक वह प्रतिदिन एक से दो बजे तक गेट मीटिंग करके रोष जताते रहेंगे। कर्मचारी नेता ओमपाल ढांडा, प्रेम रोहिला, राममेहर वर्मा, राजेश ने कहा कि जब तक इस एजेंसी का ठेका रद्द नहीं किया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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सिविल सर्जन को बताया असहाय
राजबीर बेरवाल ने कहा कि एजेंसी संचालकों की बड़े अधिकारियों के साथ मिलीभगत है। इसलिए वह सिविल सर्जन के आदेश भी नहीं मान रहे हैं। कुछ राजनीतिक लोगों ने अपने चहेतों को नौकरी दिलाने के लिए अस्पताल का बेड़ा गर्क करने की ठानी हुई है। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य महानिदेशक से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन आज तक एजेंसी संचालक टस से मस नहीं हुए। इस प्रकार एजेंसी संचालकों की मनमानी चलती रही तो अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी।

कर्मचारियों की मांगों को लेकर जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य महानिदेशक को अवगत करवा दिया हैं। जब तक कोई एजेंसी के खिलाफ शिकायत आती है तो वह स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिख देते हैं। एजेंसी संचालकों से कर्मचारियों की लिस्ट जारी करने के लिए कहा गया है।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
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