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खतरनाक स्थिति में डेंगू, फॉगिंग पर ग्रहण
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2015 12:04 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जिले के मरीजों पर भारी पड़ सकती है। डेंगू के नए मरीज आए दिन सामने आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास फॉगिंग के लिए दवाई ही नहीं है। इसके चलते प्रशासन द्वारा चलाया गया, फॉगिंग का अभियान अधर में लटक गया है। फॉगिंग अभियान में प्रतिदिन दस किलोग्राम दवा की खपत होती है, लेकिन सामान्य अस्पताल में महज 18 किलोग्राम दवा बची हुई है।
करीब एक महीने पहले शुरू हुए डेंगू के डंक से अब तक जिले में 142 लोग बीमार हो चुके हैं। 142 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए फॉगिंग भी नहीं कर पा रहा है। इसका कारण है स्टॉक में दवा की कमी। पिछले तीन दिन से फॉगिंग का अभियान बंद पड़ा और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जल्द ही दवा पहुंचने की उम्मीद भी नहीं लग रही है।
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18 किलोग्राम दवा का स्टॉक
सामान्य अस्पताल जींद के स्टॉक में महज 18 किलोग्राम मैलाथियान टेक्निकल दवा बची है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग फॉगिंग के अभियान को बीच में रोककर, आपातकाल स्थिति के लिए दवा बचा रहा है। अब वहीं फॉगिंग की जा रही है, जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में व्यापक स्तर पर चल रहा फॉगिंग का अभियान बीच में रुक गया है।
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वेयर हाउस का स्टॉक भी खाली
हैरानी की बात है कि कैथल स्थित वेयर हाउस में फिलहाल दवाई बिलकुल समाप्त है। स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष सूत्रों के अनुसार वेयर हाउस का स्टॉक खाली है। कैथल वेयर हाउस से चार जिलों को दवा सप्लाई की जाती है। मैलाथियान टेक्निकल को डीजल में मिलाकर फॉगिंग की जाती है। इससे डेंगू का मच्छर मर जाता है।
सैंपल रिपोर्ट का इंतजार
प्रदेश के लोग डेंगू के पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग खरीदी गई दवा के सैंपल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार वेयर हाउस में खरीदी गई दवा तो है, लेकिन उसके सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। इससे पहले दवा को न तो प्रयोग कर सकते हैं और न ही इसे स्टॉक में दिखा सकते हैं। फिलहाल दो लैबों में दवा के सैंपल भेजे गए हैं और इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है।
रोक रखा है अभियान
फिलहाल दवा का स्टॉक कम है और जो दवा है, उसे डेंगू के पॉजिटिव मिल रहे केसों के आसपास फॉगिंग के लिए रखा गया है। इसके चलते अभियान के तहत फॉगिंग नहीं हो रही है। दवा की मांग भेज रखी है, लेकिन अभी तक मिली नहीं है। अगले सप्ताह दवा आने की संभावना है।
डॉ. आरएस तंवर, नोडल अधिकारी डेंगू, सामान्य अस्पताल।