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Jind News: लिंगानुपात सुधारने को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, गांव-गांव जाकर जागरूक करेंगे स्वास्थ्य कर्मी
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जींद। जिले में लगातार गिर रहे लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद जींद में भी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले का लिंगानुपात 871 तक पहुंच गया है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में चिंता बढ़ गई है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से खराब प्रदर्शन वाले जिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाने के बाद अब जींद में भी जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, सीएचसी, पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। अब जिले में लिंगानुपात सुधारने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य कर्मियों को सौंपी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को बेटियों के महत्व, कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणाम और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देंगी। डॉ. सुमन कोहली ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिन गांवों में लिंगानुपात कम हैं। वहां नोटिस भी दिए गए हैं। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से खराब प्रदर्शन वाले जिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाने के बाद अब जींद में भी जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है।
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सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, सीएचसी, पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। अब जिले में लिंगानुपात सुधारने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य कर्मियों को सौंपी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को बेटियों के महत्व, कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणाम और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देंगी। डॉ. सुमन कोहली ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिन गांवों में लिंगानुपात कम हैं। वहां नोटिस भी दिए गए हैं। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।