फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Government's decision to make pension on the basis of PPP increased the problems of the elderly

पीपीपी के आधार पर पेंशन बनाने के सरकार के निर्णय ने बढ़ाई बुजुर्गों की परेशानी

Sat, 01 Oct 2022 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
Government's decision to make pension on the basis of PPP increased the problems of the elderly
जिला समाज कल्याण विभाग में जानकारी लेने आए लोग। संवाद। - फोटो : Jind
जींद। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से बनने वाली बुढ़ापा पेंशन ने जिले में बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। इस योजना के तहत बुजुर्गों को सम्मान के नाम पर अपमानित होने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीपीपी से पहले जिले में हर माह 1200 से ज्यादा बुढ़ापा पेंशन बनाई जा रही थी, लेकिन इस योजना के मार्च माह में शुरू होने के बाद से अब तक सात महीने बीतने के बाद भी केवल 565 लोगों की ही पेंशन बन पाई हैं। हालांकि समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय से केवल सात माह में 784 पेंशन की सूची जिला कार्यालय में पहुंची हैं। इनमें से 565 बुजुर्ग ही पात्र मिले।
विज्ञापन

मार्च माह में परिवार पहचान पत्र के माध्यम से पेंशन बनाने की शुरुआत हुई थी। प्रथम चरण में जिले में 265 बुजुर्गों की सूची विभाग को मिली थी। इसमें से 173 बुजुर्गों की पेंशन बनी। इसके बाद दूसरे चरण में 35 नाम की सूची आई तो इसमें से 19 की पेंशन बनी। तीसरे चरण में 333 की सूची आई जिसमें से 259 की पेंशन बनी। इसके बाद सितंबर माह में केवल 151 बुजुर्गों की सूची मिली। इनमें से 109 बुजुर्गों की पेंशन समाज कल्याण विभाग ने दस्तावेजों की जांच कर बनाई। इसके अलावा इन सूची में जिनके नाम आए वे पेंशन के पात्र नहीं माने गए। उनके परिवार की या तो पीपीपी में आमदनी ज्यादा दर्शाई गई थी या फिर यह किसी विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे।
विज्ञापन

सैकड़ों बुजुर्गों की पीपीपी में आयु 60 से अधिक फिर भी नहीं आ रहा नाम
प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के कारण उन बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। जिनकी आयु पीपीपी में 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है, लेकिन योजना के शुरू होने के छह माह बीतने के बाद भी उनका समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय से आने वाली सूची में नाम नहीं आया। जिसके कारण बुजुर्गों को आए दिन जिला मुख्यालय पर आकर अपने नाम आने की जांच करवानी पड़ रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी भी निर्धारित समय की जानकारी बुजुर्गों को उपलब्ध नहीं करवा सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार पहचान पत्र में 62 साल आयु दर्ज है। पेंशन बनवाने के लिए कई बार समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट चुकी हूं, लेकिन उसकी पेंशन नहीं बनाई जा रही। हर बार विभाग के अधिकारी उनको मुख्यालय से आने वाली सूची में नाम नहीं होने का हवाला देकर वापस भेज देते हैं।
-शंकुतला देवी, निवासी, गांगोली
पीपीपी के अनुसार आयु 63 वर्ष हो चुकी है, लेकिन पेंशन नहीं बन रही। विभाग को मुख्यालय से सूची मिलने का इंतजार है। पीपीपी के आधार पर पेंशन बनवाने के लिए विभाग को विकल्प देना चाहिए, ताकि जिसकी आयु पूरी हो वह खुद भी पेंशन लेने के लिए आवेदन कर बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले सके।

-मामन राम, निवासी, आलनजोगी खेड़ा।
जिला समाज कल्याण विभाग को जो सूची मुख्यालय से पीपीपी के आधार पर बुजुर्गों की पेंशन के लिए मिलती है। उनको फोन पर जानकारी देकर दस्तावेज जमा करवाए जाते हैं। जिसके बाद तुरंत उनकी पेंशन शुरू कर दी जाती है, ताकि बुजुर्ग पेंशन का लाभ ले सकें। पिछले सात माह में समाज कल्याण विभाग द्वारा पीपीपी के तहत 565 लोगों की पेंशन शुरू की गई है। इसके अलावा जो सूची मिलेगी उनको भी शीघ्र ही योजना का लाभ दिया जाएगा।
-सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed