{"_id":"6abd5f7e24dc30648004673a","slug":"government-procurement-of-pr-paddy-did-not-take-place-on-the-second-day-either-moisture-content-exceeded-17-jind-news-c-199-1-sroh1009-161297-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: दूसरे दिन भी नहीं हुई पीआर धान की सरकारी खरीद, 17% से अधिक मिली नमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: दूसरे दिन भी नहीं हुई पीआर धान की सरकारी खरीद, 17% से अधिक मिली नमी
विज्ञापन
30जेएनडी35: शहर की अनाजमंडी में आई पीआर धान में नमी की जांच करते हुए हैफेड के मैनेजर रतनदीप। स्
जींद। धान खरीद शुरू होने के दूसरे दिन बुधवार को भी नई अनाज मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। हैफेड के खरीदार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे मंडी पहुंचे। किसानों की ओर से पहले से डाली गई धान की ढेरियों की जांच की गई तो नमी निर्धारित सीमा से अधिक मिली। इसके चलते धान को एमएसपी पर खरीदने से मना कर दिया गया। ऐसे में मंडी में कई दिन से धान लेकर बैठे किसानों को एक बार फिर मायूस होकर लौटना पड़ा।
हैफेड के अधीन द जींद को-ऑपरेटिव मार्केटिंग कम प्रोसेसिंग सोसायटी के प्रबंधक एवं धान खरीद अधिकारी रतनदीप ने शेड नंबर दो में पहुंचकर धान की ढेरियों की जांच की। शनिवार को अहिरका के किसान दलेराम और सोमवार को किनाना के किसान नितिन की ओर से लाई गई धान के नमूने लिए गए। जांच में दोनों ढेरियों में 17.7 और 17.9 फीसदी नमी मिली। सरकारी खरीद के लिए धान में अधिकतम 17 फीसदी नमी की सीमा निर्धारित है।
मंडी में करीब 300 क्विंटल पीआर धान की आवक हो चुकी है। नमी अधिक होने के कारण यह धान फिलहाल एमएसपी पर नहीं बिक सका। किसानों को अब धान के सूखने का इंतजार करना होगा। अधिकारियों के अनुसार मौसम और धान की स्थिति के आधार पर इसे मानकों के अनुरूप आने में एक-दो दिन लग सकते हैं।
विज्ञापन
मिल अलॉट नहीं होने से भी बढ़ी अड़चन
धान की खरीद के बाद उसे चावल निकालने के लिए मिलों को दिया जाता है। लेकिन दूसरे दिन तक हैफेड को चावल मिल अलॉट नहीं हुई। ऐसे में खरीद व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मिल आवंटन जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से किया जाता है।
नमी अधिक मिली, इसलिए नहीं हुई खरीद : रतनदीप
धान खरीद अधिकारी रतनदीप ने बताया कि मंडी में किसानों की धान की जांच की गई। दोनों ढेरियों में नमी निर्धारित 17 फीसदी से अधिक मिली, इसलिए सरकारी खरीद नहीं हो सकी। अभी धान से चावल निकलवाने के लिए कोई मिल भी अलॉट नहीं हुई है।
विज्ञापन
हैफेड के अधीन द जींद को-ऑपरेटिव मार्केटिंग कम प्रोसेसिंग सोसायटी के प्रबंधक एवं धान खरीद अधिकारी रतनदीप ने शेड नंबर दो में पहुंचकर धान की ढेरियों की जांच की। शनिवार को अहिरका के किसान दलेराम और सोमवार को किनाना के किसान नितिन की ओर से लाई गई धान के नमूने लिए गए। जांच में दोनों ढेरियों में 17.7 और 17.9 फीसदी नमी मिली। सरकारी खरीद के लिए धान में अधिकतम 17 फीसदी नमी की सीमा निर्धारित है।
विज्ञापन
मंडी में करीब 300 क्विंटल पीआर धान की आवक हो चुकी है। नमी अधिक होने के कारण यह धान फिलहाल एमएसपी पर नहीं बिक सका। किसानों को अब धान के सूखने का इंतजार करना होगा। अधिकारियों के अनुसार मौसम और धान की स्थिति के आधार पर इसे मानकों के अनुरूप आने में एक-दो दिन लग सकते हैं।
विज्ञापन
मिल अलॉट नहीं होने से भी बढ़ी अड़चन
धान की खरीद के बाद उसे चावल निकालने के लिए मिलों को दिया जाता है। लेकिन दूसरे दिन तक हैफेड को चावल मिल अलॉट नहीं हुई। ऐसे में खरीद व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मिल आवंटन जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से किया जाता है।
नमी अधिक मिली, इसलिए नहीं हुई खरीद : रतनदीप
धान खरीद अधिकारी रतनदीप ने बताया कि मंडी में किसानों की धान की जांच की गई। दोनों ढेरियों में नमी निर्धारित 17 फीसदी से अधिक मिली, इसलिए सरकारी खरीद नहीं हो सकी। अभी धान से चावल निकलवाने के लिए कोई मिल भी अलॉट नहीं हुई है।

30जेएनडी35: शहर की अनाजमंडी में आई पीआर धान में नमी की जांच करते हुए हैफेड के मैनेजर रतनदीप। स्