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10वीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों की रोजगार की संभावनाएं बढ़ाते हैं पॉलीटेक्निक कोर्स
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जींद। करीब सात साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जींद में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक इसके लिए जमीन नहीं तलाशी जा सकी है। इस कारण जिले के लगभग तीन हजार विद्यार्थी हिसार, रोहतक व कुरुक्षेत्र सहित अन्य जिलों में दाखिला लेने के लिए मजबूर होते हैं।
10वीं कक्षा के बाद पॉलिटेक्निक संस्थानों द्वारा पेश किए गए सभी डिप्लोमा कोर्स विशेष रूप से संबंधित विषय के व्यावहारिक या अनुप्रयोग संबंधी पहलुओं पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करते हैं। यह विद्यार्थियों को विषय की मूल बातें सीखने के लिए तैयार करता है और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के योग्य बनाता है। ऐसे में विद्यार्थियों की मांग है कि जल्द से जल्द जिले में भी पॉलिटेक्निक कॉलेज खोला जाए, जिससे विद्यार्थियों को दाखिला लेने के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े।
आत्मनिर्भर बनाने में भूमिका
डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी अपना खुद का काम भी कर सकता है। उदाहरण के लिए कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाले छात्र आसानी से कंप्यूटर की मरम्मत के लिए एक व्यवसाय शुरू कर सकते हैं या ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाला कोई भी छात्र अपना गैराज या ऑटो मोबाइल मरम्मत स्टोर शुरू कर सकता है। इसलिए पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को स्व रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
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-अमरजीत, विद्यार्थी।
बढ़ती हैं रोजगार की संभावना
पॉलिटेक्निक संस्थान से कोई डिप्लोमा हासिल करने के बाद विद्यार्थियों के लिए रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं। इसमें कॅरिअर ग्रोथ के आसार हैं। किसी पॉलिटेक्निक से अपनी मनचाही कॅरिअर फील्ड में डिप्लोमा हासिल करने के बाद बहुत अच्छे कॅरिअर विकल्प उपलब्ध हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्सेज में दाखिला लेेने का सबसे प्रमुख कारण कम पैसे और कम समय में यह डिप्लोमा कोर्सेज पूरे करने के बाद विद्यार्थी अपनी मनचाही फील्ड में जल्दी ही अपना कॅरिअर शुरू कर सकते हैं।
-अभिषेक, विद्यार्थी।
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पूरा होने के बाद इंजीनियरिंग ट्रेड के साथ-साथ गैर इंजीनियरिंग क्षेत्रों में भी विद्यार्थी के पास कई अच्छे करियर विकल्प मौजूद हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के पाठ्यक्रमों को विशेष रूप से संबंधित पाठ्यक्रम या विषय के व्यावहारिक पहलुओं और मूलभूत बातें सीखने में मदद करने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इसलिए यदि आप अपने तकनीकि ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान में भी वृद्धि करना चाहते हैं तो आपके द्वारा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद निम्नांकित विषयों के अध्ययन पर जोर दिया जाना चाहिए।
- मोहित, विद्यार्थी।
पॉलिटेक्निक कॉलेज जरूरी
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा एक तकनीकी डिग्री है। इससे आपको एक अच्छी नौकरी मिलने में मदद मिल सकती है। विविध प्रकार की नौकरियों में नौकरी की संभावना और उच्चतर स्तर की नौकरियों के लिए अपनी योग्यता साबित करने के लिए डिप्लोमा करने के बाद भी अध्ययन करना जरूरी है। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के दौरान संबंधित डोमेन के व्यावहारिक पक्ष तथा आधारभूत तथ्यों पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
-अमित, विद्यार्थी।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मददगार
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प बीटेक का चयन करना है। इसके लिए उम्मीदवारों को कॉलेज और पाठ्यक्रम के लिए संबंधित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। कई इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारकों को लेटरल एंट्री प्रदान करते हैं। लेटरल एंट्री का मतलब है कि आप सीधे दूसरे वर्ष के इंजीनियरिंग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
- पंकज, विद्यार्थी।
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10वीं कक्षा के बाद पॉलिटेक्निक संस्थानों द्वारा पेश किए गए सभी डिप्लोमा कोर्स विशेष रूप से संबंधित विषय के व्यावहारिक या अनुप्रयोग संबंधी पहलुओं पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करते हैं। यह विद्यार्थियों को विषय की मूल बातें सीखने के लिए तैयार करता है और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के योग्य बनाता है। ऐसे में विद्यार्थियों की मांग है कि जल्द से जल्द जिले में भी पॉलिटेक्निक कॉलेज खोला जाए, जिससे विद्यार्थियों को दाखिला लेने के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े।
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आत्मनिर्भर बनाने में भूमिका
डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी अपना खुद का काम भी कर सकता है। उदाहरण के लिए कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाले छात्र आसानी से कंप्यूटर की मरम्मत के लिए एक व्यवसाय शुरू कर सकते हैं या ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाला कोई भी छात्र अपना गैराज या ऑटो मोबाइल मरम्मत स्टोर शुरू कर सकता है। इसलिए पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को स्व रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
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-अमरजीत, विद्यार्थी।
बढ़ती हैं रोजगार की संभावना
पॉलिटेक्निक संस्थान से कोई डिप्लोमा हासिल करने के बाद विद्यार्थियों के लिए रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं। इसमें कॅरिअर ग्रोथ के आसार हैं। किसी पॉलिटेक्निक से अपनी मनचाही कॅरिअर फील्ड में डिप्लोमा हासिल करने के बाद बहुत अच्छे कॅरिअर विकल्प उपलब्ध हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्सेज में दाखिला लेेने का सबसे प्रमुख कारण कम पैसे और कम समय में यह डिप्लोमा कोर्सेज पूरे करने के बाद विद्यार्थी अपनी मनचाही फील्ड में जल्दी ही अपना कॅरिअर शुरू कर सकते हैं।
-अभिषेक, विद्यार्थी।
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पूरा होने के बाद इंजीनियरिंग ट्रेड के साथ-साथ गैर इंजीनियरिंग क्षेत्रों में भी विद्यार्थी के पास कई अच्छे करियर विकल्प मौजूद हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के पाठ्यक्रमों को विशेष रूप से संबंधित पाठ्यक्रम या विषय के व्यावहारिक पहलुओं और मूलभूत बातें सीखने में मदद करने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इसलिए यदि आप अपने तकनीकि ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान में भी वृद्धि करना चाहते हैं तो आपके द्वारा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद निम्नांकित विषयों के अध्ययन पर जोर दिया जाना चाहिए।
- मोहित, विद्यार्थी।
पॉलिटेक्निक कॉलेज जरूरी
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा एक तकनीकी डिग्री है। इससे आपको एक अच्छी नौकरी मिलने में मदद मिल सकती है। विविध प्रकार की नौकरियों में नौकरी की संभावना और उच्चतर स्तर की नौकरियों के लिए अपनी योग्यता साबित करने के लिए डिप्लोमा करने के बाद भी अध्ययन करना जरूरी है। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के दौरान संबंधित डोमेन के व्यावहारिक पक्ष तथा आधारभूत तथ्यों पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
-अमित, विद्यार्थी।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मददगार
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प बीटेक का चयन करना है। इसके लिए उम्मीदवारों को कॉलेज और पाठ्यक्रम के लिए संबंधित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। कई इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारकों को लेटरल एंट्री प्रदान करते हैं। लेटरल एंट्री का मतलब है कि आप सीधे दूसरे वर्ष के इंजीनियरिंग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
- पंकज, विद्यार्थी।