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जिला जेल में बंदियों को दी बागवानी की जानकारी
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जिला जेल में बंदियों और कैदियों को बागवानी विभाग की फसलों के बारे में जानकारी देते हुए विभाग के क?
- फोटो : Jind
जींद। जिला जेल में बंदियों व कैदियों को आए दिन शिविर के माध्यम से जीवनोपयोगी जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि इन बंदियों के जीवन स्तर को सुधारा जा सके। इसके चलते बुधवार को जेल में बागवानी विभाग द्वारा शिविर लगवाकर बंदियों को बागवानी, उन्नत किस्म की सब्जियों, फूलों एवं फलों की पौध तैयार करने की जानकारी दिलवाई गई। इसके अलावा इनमें किस समय पर कौन सा कीटनाशक, खाद व दवाई का छिड़काव करने के बारे में जानकारी दी।
जिला जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि जेल में इस समय जो बंदी हैं। उनको रिहाई के बाद अपने परिवार का पालन पोषण करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसको देखते हुए जिला जेल में समय-समय पर बंदियों को प्रशिक्षण देने के लिए शिविर लगाए जाते हैं। जिसके चलते बुधवार को बंदियों को बागवानी की खेती के बारे में जानकारी दी गई। इसमें इनको सब्जियों, फूलों व फलों की पौध किस प्रकार तैयार होती है। इसके बाद इसका रख रखाव किस प्रकार किया जाता है। जो बागवानी की खेती करने का इच्छुक है उनको बागवानी की कौन सी फसल किस समय उगाई जाती है। इसमें किस समय कौन से कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध करवाई गई। इस कार्य मेें बंदियों को कुशल बनाने के लिए जिला जेल में बंदियों से बागवानी की फसलों को तैयार करवाया जाएगा। इससे बंदियों को एक तो प्रशिक्षण प्राप्त होगा दूसरा इसके बारे में वह जेल में रहते समय बेहतर तकनीकों के बारे में समय समय पर जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा बंदी बागवानी के इस कार्य में व्यस्त रहेंगे, जिससे उनके मन में प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ेगा और वह नकारात्मक विचारों से भी दूर रहेंगे।
इस अवसर पर बीरेंद्र सिंह, संदीप दागीं, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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जिला जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि जेल में इस समय जो बंदी हैं। उनको रिहाई के बाद अपने परिवार का पालन पोषण करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसको देखते हुए जिला जेल में समय-समय पर बंदियों को प्रशिक्षण देने के लिए शिविर लगाए जाते हैं। जिसके चलते बुधवार को बंदियों को बागवानी की खेती के बारे में जानकारी दी गई। इसमें इनको सब्जियों, फूलों व फलों की पौध किस प्रकार तैयार होती है। इसके बाद इसका रख रखाव किस प्रकार किया जाता है। जो बागवानी की खेती करने का इच्छुक है उनको बागवानी की कौन सी फसल किस समय उगाई जाती है। इसमें किस समय कौन से कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध करवाई गई। इस कार्य मेें बंदियों को कुशल बनाने के लिए जिला जेल में बंदियों से बागवानी की फसलों को तैयार करवाया जाएगा। इससे बंदियों को एक तो प्रशिक्षण प्राप्त होगा दूसरा इसके बारे में वह जेल में रहते समय बेहतर तकनीकों के बारे में समय समय पर जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा बंदी बागवानी के इस कार्य में व्यस्त रहेंगे, जिससे उनके मन में प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ेगा और वह नकारात्मक विचारों से भी दूर रहेंगे।
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इस अवसर पर बीरेंद्र सिंह, संदीप दागीं, राजेश कुमार मौजूद रहे।