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चार महीने बाद खुले चौथी और पांचवीं के स्कूल, बारिश के बाद भी 46 प्रतिशत विद्यार्थी पहुंचे
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चार महीने बाद स्कूल पहुंचे विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Jind
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जिले में 1 सितंबर से चौथी और पांचवीं कक्षा के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के 39 हजार 750 बच्चों के लिए स्कूल खुल गए। लेकिन बारिश होने की वजह से पहले दिन कम बच्चे ही स्कूल पहुंचे। मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स के अनुसार जिले में चौथी और पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में 21750 और निजी स्कूलों में 18 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। बुधवार को सरकारी स्कूलों में 46 प्रतिशत तो निजी स्कूलों में 48 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। आने वाले दिनों में इन कक्षाओं में बच्चों की संख्या बढ़ सकती है। पहले दिन विद्यार्थी उत्साह के साथ स्कूलों में पहुंचे। स्कूल पहुंचे बच्चों के चेहरों पर अलग ही चमक दिखाई दे रही थी। क्योंकि लंबे समय के बाद जो वे स्कूल पहुंचे थे।
कोरोना महामारी शुरू होने पर मार्च 2020 में स्कूल बंद कर दिए गए थे। बाद में कोरोना का संक्रमण अधिक होने पर विद्यार्थियों का नुकसान हो, को ध्यान में रखकर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवाई गई थी। शिक्षा विभाग बच्चों को घर पर रहते हुए शिक्षा से जोड़े रखना चाहता था, इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दिया। इससे विद्यार्थियों को परेशानी भी हुई।
फरवरी 2021 में स्कूल खुलने शुरू हुए। पहले 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले गए। उसके बाद प्राइमरी स्कूलों के बच्चे बुलाए गए। लेकिन मइ में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण फिर से स्कूलों को बंद कर दिया गया। अब स्थिति सामान्य होने के बाद 1 सितंबर से चौथी और पांचवीं कक्षा के स्कूलों को खोल दिया गया है। स्कूल पहुंचने वाले बच्चों की सबसे पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया गया। कक्षा में प्रवेश व निकास द्वार अलग-अलग सुनिश्चित किए गए हैं। एक डेस्क पर एक ही बच्चे को बैठाया गया। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया है। जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहते हैं वे ऑनलाइन पढ़ाई जारी रख सकते हैं। अभिभावकों से लिखित अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया गया।
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स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा
जब कोरोना फैला था तो स्कूल बंद हो गए थे पर घर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। बीच में स्कूल खुला था पर दोबारा से कोरोना का संक्रमण अधिक बढ़ा तो स्कूल बंद हो गए। अब फिर से स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में लंबे समय के बाद स्कूल में आकर काफी अच्छा लग रहा है। -मानसी, छात्रा।
घर पर रहकर नहीं हो पा रही थी पढ़ाई
कोरोना की वजह से घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे, पर उसका ज्यादा फायदा नहीं मिल पाया। जो पढ़ाई स्कूल में आने पर होती है वैसी ऑनलाइन नहीं हो पाती है। गांवों में नेट की काफी दिक्कत रहती है। घर पर रहकर अच्छी तरह से पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। -बिंदु, छात्रा।
बिल्कुल एक नए अनुभव
लंबे समय के बाद स्कूल में आने के बाद काफी अच्छा लग रहा है। स्कूल खुलने से काफी उत्साहित हूं। स्कूल आने के बाद गुरुजनों ने उनका स्वागत किया। स्कूल पहुंचने पर दोस्तों से भी काफी लंबे समय बाद मुलाकात हुई। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। अब पढ़ाई अच्छे से होगी। -सोनम, छात्रा।
लंबे समय के बाद स्कूल आकर काफी बढ़िया लग रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के कारण घर में कैद होकर रह गए थे। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान सही जानकारी नहीं मिल पा रह थी। अब स्कूल आने पर शिक्षकों से पढ़ने में काफी अच्छा लग रहा है। अब पढ़ाई पहले की तरह सुचारु रूप से जारी रहेगी। -वर्षा, छात्रा।
जींद ब्लॉक में पहले दिन 32 प्रतिशत विद्यार्थी पहुंचे
जींद ब्लॉक में सरकारी स्कूलों में चौथी कक्षा में कुल 2157 विद्यार्थी हैं, जिनमें से 686 स्कूल पहुंचे। वहीं पांचवीं कक्षा में 2259 विद्यार्थियों में से 759 स्कूल पहुंचे। इस प्रकार जींद ब्लॉक में चौथी और पांचवीं कक्षा में 4422 विद्यार्थियों में से 1445 स्कूल पहुंचे। बुधवार को पहले दिन 32.67 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स के अनुसार जिले में चौथी और पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में 21750 से अधिक विद्यार्थी हैं और निजी स्कूलों में 18 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। बुधवार को सरकारी स्कूलों में 46 प्रतिशत तो प्राइवेट स्कूलों में 48 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
बारिश के कारण विद्यार्थियों की संख्या रही कम
चौथी व पांचवीं कक्षा के स्कूल बुधवार से खुले हैं। बारिश के कारण पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही। आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में आने की अनुमति दी जा रही। किसी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। जो विद्यार्थी घर पर रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रहेगी। सदानंद वत्स, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।
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कोरोना महामारी शुरू होने पर मार्च 2020 में स्कूल बंद कर दिए गए थे। बाद में कोरोना का संक्रमण अधिक होने पर विद्यार्थियों का नुकसान हो, को ध्यान में रखकर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवाई गई थी। शिक्षा विभाग बच्चों को घर पर रहते हुए शिक्षा से जोड़े रखना चाहता था, इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दिया। इससे विद्यार्थियों को परेशानी भी हुई।
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फरवरी 2021 में स्कूल खुलने शुरू हुए। पहले 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले गए। उसके बाद प्राइमरी स्कूलों के बच्चे बुलाए गए। लेकिन मइ में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण फिर से स्कूलों को बंद कर दिया गया। अब स्थिति सामान्य होने के बाद 1 सितंबर से चौथी और पांचवीं कक्षा के स्कूलों को खोल दिया गया है। स्कूल पहुंचने वाले बच्चों की सबसे पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया गया। कक्षा में प्रवेश व निकास द्वार अलग-अलग सुनिश्चित किए गए हैं। एक डेस्क पर एक ही बच्चे को बैठाया गया। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया है। जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहते हैं वे ऑनलाइन पढ़ाई जारी रख सकते हैं। अभिभावकों से लिखित अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया गया।
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स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा
जब कोरोना फैला था तो स्कूल बंद हो गए थे पर घर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। बीच में स्कूल खुला था पर दोबारा से कोरोना का संक्रमण अधिक बढ़ा तो स्कूल बंद हो गए। अब फिर से स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में लंबे समय के बाद स्कूल में आकर काफी अच्छा लग रहा है। -मानसी, छात्रा।
घर पर रहकर नहीं हो पा रही थी पढ़ाई
कोरोना की वजह से घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे, पर उसका ज्यादा फायदा नहीं मिल पाया। जो पढ़ाई स्कूल में आने पर होती है वैसी ऑनलाइन नहीं हो पाती है। गांवों में नेट की काफी दिक्कत रहती है। घर पर रहकर अच्छी तरह से पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। -बिंदु, छात्रा।
बिल्कुल एक नए अनुभव
लंबे समय के बाद स्कूल में आने के बाद काफी अच्छा लग रहा है। स्कूल खुलने से काफी उत्साहित हूं। स्कूल आने के बाद गुरुजनों ने उनका स्वागत किया। स्कूल पहुंचने पर दोस्तों से भी काफी लंबे समय बाद मुलाकात हुई। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। अब पढ़ाई अच्छे से होगी। -सोनम, छात्रा।
लंबे समय के बाद स्कूल आकर काफी बढ़िया लग रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के कारण घर में कैद होकर रह गए थे। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान सही जानकारी नहीं मिल पा रह थी। अब स्कूल आने पर शिक्षकों से पढ़ने में काफी अच्छा लग रहा है। अब पढ़ाई पहले की तरह सुचारु रूप से जारी रहेगी। -वर्षा, छात्रा।
जींद ब्लॉक में पहले दिन 32 प्रतिशत विद्यार्थी पहुंचे
जींद ब्लॉक में सरकारी स्कूलों में चौथी कक्षा में कुल 2157 विद्यार्थी हैं, जिनमें से 686 स्कूल पहुंचे। वहीं पांचवीं कक्षा में 2259 विद्यार्थियों में से 759 स्कूल पहुंचे। इस प्रकार जींद ब्लॉक में चौथी और पांचवीं कक्षा में 4422 विद्यार्थियों में से 1445 स्कूल पहुंचे। बुधवार को पहले दिन 32.67 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स के अनुसार जिले में चौथी और पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में 21750 से अधिक विद्यार्थी हैं और निजी स्कूलों में 18 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। बुधवार को सरकारी स्कूलों में 46 प्रतिशत तो प्राइवेट स्कूलों में 48 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
बारिश के कारण विद्यार्थियों की संख्या रही कम
चौथी व पांचवीं कक्षा के स्कूल बुधवार से खुले हैं। बारिश के कारण पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही। आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में आने की अनुमति दी जा रही। किसी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। जो विद्यार्थी घर पर रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रहेगी। सदानंद वत्स, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।

विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाती शिक्षिका। संवाद- फोटो : Jind