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Jind News: पूर्व विधायक सूरजभान काजल ने थामा कांग्रेस का हाथ
Thu, 28 Dec 2023 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 28 Dec 2023 01:00 AM IST
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27जेएनडी06: जुलाना के पूर्व विधायक सूरजभान काजल। संवाद
जुलाना। जुलाना के पूर्व विधायक एवं जजपा के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी रहे सूरजभान काजल ने दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया है।
सूरजभान काजल ने 31 अक्तूबर को जजपा पार्टी छोडने का ऐलान किया था। उनका आरोप था कि जजपा में उन्हें एवं कार्यकर्ताओं को कोई मान सम्मान नहीं मिला। जुलाना हलके के लोगों के सार्वजनिक काम भी वो नहीं करवा पा रहे थे। उन्होंने कई बार पार्टी हाईकमान व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के सामने भी अपना पक्ष रखा, लेकिन उन्होंने भी उनकी बात को काई तव्वजो नहीं दी और ना ही उनके द्वारा दिए गए हलके के कामों पर ध्यान दिया। समर्थकों का उन पर लंबे समय से जजपा छोड़ने का दबाव था। इसलिए उन्होंने जेजपी को छोड़ दिया। गौरतलब है कि पूर्व विधायक सूरजभान काजल चौटाला परिवार के बेहद विश्वासपात्र नेताओं में थे।
वर्ष 2019 में इनेलो में हुई टूट के बाद वे जजपा में आ गए थे। जुलाना विधानसभा के हथवाला गांव निवासी सूरजभान काजल पेशे से वकील और किसान हैं। वे वर्ष 1991 में जनता पार्टी की टिकट पर जुलाना से कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार परमेंद्र सिंह ढुल को हराकर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 1996 में समता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा और हविपा के सत्यनारायण लाठर से चुनाव हार गये। वर्ष 2004 में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने तीसरी बार उन्हें जुलाना से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। लेकिन इस बार भी वे कांग्रेस के उम्मीदवार आईजी शेर सिंह से चुनाव हार गए। हार के बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चैटाला ने सूरजभान काजल को हरियाणा सरकार में केबिनेट स्तर देते हुए वित्त आयोग का चेयरमैन बनाया था। उसके बाद उन्हें इनेलो से टिकट नहीं मिल पाई। लेकिन वे लगातार पार्टी संगठन और जुलाना हलके राजनीति में सक्रिय रहे हैं। अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर नए सिरे से अपनी राजनीतिक पारी शुरुआत की है। कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद सूरजभान काजल ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ही भाजपा का मजबूत विकल्प है। भाजपा-जजपा सरकार से प्रदेश के लोग तंग हैं। अब वे हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे।
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सूरजभान काजल ने 31 अक्तूबर को जजपा पार्टी छोडने का ऐलान किया था। उनका आरोप था कि जजपा में उन्हें एवं कार्यकर्ताओं को कोई मान सम्मान नहीं मिला। जुलाना हलके के लोगों के सार्वजनिक काम भी वो नहीं करवा पा रहे थे। उन्होंने कई बार पार्टी हाईकमान व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के सामने भी अपना पक्ष रखा, लेकिन उन्होंने भी उनकी बात को काई तव्वजो नहीं दी और ना ही उनके द्वारा दिए गए हलके के कामों पर ध्यान दिया। समर्थकों का उन पर लंबे समय से जजपा छोड़ने का दबाव था। इसलिए उन्होंने जेजपी को छोड़ दिया। गौरतलब है कि पूर्व विधायक सूरजभान काजल चौटाला परिवार के बेहद विश्वासपात्र नेताओं में थे।
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वर्ष 2019 में इनेलो में हुई टूट के बाद वे जजपा में आ गए थे। जुलाना विधानसभा के हथवाला गांव निवासी सूरजभान काजल पेशे से वकील और किसान हैं। वे वर्ष 1991 में जनता पार्टी की टिकट पर जुलाना से कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार परमेंद्र सिंह ढुल को हराकर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 1996 में समता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा और हविपा के सत्यनारायण लाठर से चुनाव हार गये। वर्ष 2004 में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने तीसरी बार उन्हें जुलाना से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। लेकिन इस बार भी वे कांग्रेस के उम्मीदवार आईजी शेर सिंह से चुनाव हार गए। हार के बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चैटाला ने सूरजभान काजल को हरियाणा सरकार में केबिनेट स्तर देते हुए वित्त आयोग का चेयरमैन बनाया था। उसके बाद उन्हें इनेलो से टिकट नहीं मिल पाई। लेकिन वे लगातार पार्टी संगठन और जुलाना हलके राजनीति में सक्रिय रहे हैं। अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर नए सिरे से अपनी राजनीतिक पारी शुरुआत की है। कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद सूरजभान काजल ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ही भाजपा का मजबूत विकल्प है। भाजपा-जजपा सरकार से प्रदेश के लोग तंग हैं। अब वे हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे।
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