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Jind News: पूर्व कैशियर पर लगा 11 लाख के गबन का आरोप
Wed, 23 Jul 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:50 PM IST
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जींद। संत कबीर महासभा की कार्यकारिणी ने संत कबीर छात्रावास बनवाने के दौरान कैशियर रहे जेनेंद्र कुमार पर तीन साल के कार्यकाल में लाखों रुपये का गबन का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत संस्था सदस्यों ने पुलिस को दी है।
जेनेंद्र कुमार 25 जुलाई 2021 से 24 जुलाई 2024 के कार्यकाल में कैशियर रहे हैं। उन्होंने उनका कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद भी पूरा हिसाब नहीं दिया। संस्था ने कई बैठकों में एजेंडा लिखकर कैशियर से हिसाब मांगा लेकिन उन्होंने हिसाब नहीं दिया।
संस्था के अध्यक्ष सतबीर सिंह लाडवाल ने बताया कि आठ दिसंबर 2024 को मतदान के बाद संस्था की नई कार्यकारिणी बनी थी। पूर्व कैशियर जेनेंद्र कुमार ने नई कार्यकारिणी के गठन के छह माह बाद भी कैश का चार्ज नवनिर्वाचित कैशियर को नहीं दिया है। संस्था द्वारा पूर्व कैशियर को चार्ज देने के लिए कई नोटिस भी भेजे गए लेकिन एक भी नोटिस का जवाब नहीं दिया।
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इस के अलावा संस्था द्वारा कैशियर को आठ बार हिसाब देने के लिए बुलाया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद पूर्व कैशियर की शिकायत पुलिस को दी गई है।
11 लाख के गबन का आरोप
संस्था के अध्यक्ष सतबीर सिंह लाडवाल ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि पूर्व कैशियर ने कई बोगस बिल बना कर संस्था को नुकसान पहुंचाया है। कुछ बिल ऐसे भी हैं जिन्हें दो बार दिखा कर संस्था के पैसे हड़पे गए हैं। कैशियर ने अपने आप बिल बना कर संस्था के पैसों को हड़पा है। कैशियर जेनेंद्र कुमार की कार्य अवधि में सरकार से कुल 32 लाख रुपये की सरकारी ग्रांट आई है जबकि उन्होंने अपने रिकॉर्ड में सिर्फ 21 लाख रुपये की ग्रांट को दिखाया है। इस प्रकार लगभग 11 लाख रुपये की ग्रांट का कैशियर के पास कोई हिसाब नहीं दिया।
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जेनेंद्र कुमार 25 जुलाई 2021 से 24 जुलाई 2024 के कार्यकाल में कैशियर रहे हैं। उन्होंने उनका कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद भी पूरा हिसाब नहीं दिया। संस्था ने कई बैठकों में एजेंडा लिखकर कैशियर से हिसाब मांगा लेकिन उन्होंने हिसाब नहीं दिया।
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संस्था के अध्यक्ष सतबीर सिंह लाडवाल ने बताया कि आठ दिसंबर 2024 को मतदान के बाद संस्था की नई कार्यकारिणी बनी थी। पूर्व कैशियर जेनेंद्र कुमार ने नई कार्यकारिणी के गठन के छह माह बाद भी कैश का चार्ज नवनिर्वाचित कैशियर को नहीं दिया है। संस्था द्वारा पूर्व कैशियर को चार्ज देने के लिए कई नोटिस भी भेजे गए लेकिन एक भी नोटिस का जवाब नहीं दिया।
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इस के अलावा संस्था द्वारा कैशियर को आठ बार हिसाब देने के लिए बुलाया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद पूर्व कैशियर की शिकायत पुलिस को दी गई है।
11 लाख के गबन का आरोप
संस्था के अध्यक्ष सतबीर सिंह लाडवाल ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि पूर्व कैशियर ने कई बोगस बिल बना कर संस्था को नुकसान पहुंचाया है। कुछ बिल ऐसे भी हैं जिन्हें दो बार दिखा कर संस्था के पैसे हड़पे गए हैं। कैशियर ने अपने आप बिल बना कर संस्था के पैसों को हड़पा है। कैशियर जेनेंद्र कुमार की कार्य अवधि में सरकार से कुल 32 लाख रुपये की सरकारी ग्रांट आई है जबकि उन्होंने अपने रिकॉर्ड में सिर्फ 21 लाख रुपये की ग्रांट को दिखाया है। इस प्रकार लगभग 11 लाख रुपये की ग्रांट का कैशियर के पास कोई हिसाब नहीं दिया।