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Jind News: मांगें पूरी न होने पर वन मजदूरों ने जिला कार्यालय पर दिया धरना
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27जेएनडी09: जिला कार्यालय पर धरना देते हुए वन विभाग मजदूर यूनियन के सदस्य। स्रोत : यूनियन।
नरवाना। वन विभाग मजदूर यूनियन ने नर्सरी हेल्पर्स और वन मजदूरों की मांगों को लेकर जिला कार्यालय पर बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता यूनियन के राज्य महासचिव रामेश्वर शर्मा ने की, जबकि संचालन हामिद खान ने किया।
राज्य महासचिव रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वन मजदूरों और नर्सरी हेल्पर्स को हर माह की सात तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों को पक्का कर वेतन लागू किया जाए और ईपीएफ व ईएसआई से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह हो। कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा, दवाई भत्ता और 10 हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाए। श्रम कल्याण बोर्ड से सभी मजदूरों को जोड़ा जाए और उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित फैसलों को जल्द घोषित करवाया जाए।
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सीटू जिला प्रधान सतबीर सिंह खरल ने कहा कि सरकार की मजदूर, किसान और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ संगठित होकर संघर्ष करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।
धरने के अंत में यूनियन नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को रेंज स्तर से जिला स्तर और फिर राज्य स्तर तक व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान पवन कुमार, शोभी चंद सिंह बिल्ल्हर, रामपति, बाला, संतोष, कुलदीप और महाबीर मौजूद रहे।
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राज्य महासचिव रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वन मजदूरों और नर्सरी हेल्पर्स को हर माह की सात तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों को पक्का कर वेतन लागू किया जाए और ईपीएफ व ईएसआई से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए।
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उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह हो। कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा, दवाई भत्ता और 10 हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाए। श्रम कल्याण बोर्ड से सभी मजदूरों को जोड़ा जाए और उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित फैसलों को जल्द घोषित करवाया जाए।
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सीटू जिला प्रधान सतबीर सिंह खरल ने कहा कि सरकार की मजदूर, किसान और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ संगठित होकर संघर्ष करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।
धरने के अंत में यूनियन नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को रेंज स्तर से जिला स्तर और फिर राज्य स्तर तक व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान पवन कुमार, शोभी चंद सिंह बिल्ल्हर, रामपति, बाला, संतोष, कुलदीप और महाबीर मौजूद रहे।