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Jind News: नियम दरकिनार कर ट्रेनों में धड़ल्ले से बिक रहा दूसरी कंपनियों का पानी
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11जेएनडी09-पतालकोट एक्सप्रेस में बेचने के लिए रखी गई अनाधिकृत कंपनी की बोतल। संवाद
जींद। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अधिकृत कंपनियों की बजाय दूसरी कंपनियों का पानी बेचा जा रहा है। वेंडर यात्रियों से एक लीटर पानी की बोतल के निर्धारित 14 रुपये की जगह 20 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि रेलवे ने केवल चुनिंदा कंपनियों को ही बिक्री की अनुमति दी हुई है।
दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग पर गुजरने वाली एक्सप्रेस गाड़ियों में रोजाना बिना अनुमति के बिसलेरी समेत अन्य कंपनियों का पानी बेचा जा रहा है। रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर रेलनीर, किनले और आरसी कंपनी का पानी बेचने की अनुमति दी है।
यात्री शोभानंद, जयकिशन, तरसेम, सुरेश, राजपाल का आरोप है कि ट्रेन में पानी की बोतलें महंगे दामों में बेची जा रही हैं। कई ट्रेनों में वेंडर सीधे 20 रुपये मांगते हैं और विरोध करने पर बहस करने लगते हैं। लंबी दूरी के यात्रियों को मजबूरी में महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है।
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यात्री विकास, सोनू और रवि ने बताया कि रेलवे की ओर से पानी की कीमत तय होने के बावजूद नियमों की पालना नहीं हो रही। ट्रेन में जब रेल नीर मांगने पानी उपलब्ध न होने का बहाना बताते हैं। दूसरी कंपनी की बोतल बेचकर अधिक पैसे वसूले जा रहा है।
यात्रियों का कहना है कि कई बार पानी की बोतलों पर एमआरपी 14 रुपये अंकित होने के बाद भी 20 रुपये तक लिए जाते हैं। शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। रेलवे के अधिकारियों और कैटरिंग विभाग की नियमित जांच नहीं होने के कारण वेंडरों के हौसले बुलंद हैं।
वर्जन
रेलवे स्टेशन पर यदि कोई भी वेंडर अनाधिकृत कंपनियों के पानी की बोतले बेचते हैं तो उनकी शिकायत करें। उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ट्रेनों में वेंडरों पर कार्रवाई आरपीएफ करेगी।
-पंकज राजपाल, सीएमआई, रेलवे जंक्शन जींद
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दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग पर गुजरने वाली एक्सप्रेस गाड़ियों में रोजाना बिना अनुमति के बिसलेरी समेत अन्य कंपनियों का पानी बेचा जा रहा है। रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर रेलनीर, किनले और आरसी कंपनी का पानी बेचने की अनुमति दी है।
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यात्री शोभानंद, जयकिशन, तरसेम, सुरेश, राजपाल का आरोप है कि ट्रेन में पानी की बोतलें महंगे दामों में बेची जा रही हैं। कई ट्रेनों में वेंडर सीधे 20 रुपये मांगते हैं और विरोध करने पर बहस करने लगते हैं। लंबी दूरी के यात्रियों को मजबूरी में महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है।
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यात्री विकास, सोनू और रवि ने बताया कि रेलवे की ओर से पानी की कीमत तय होने के बावजूद नियमों की पालना नहीं हो रही। ट्रेन में जब रेल नीर मांगने पानी उपलब्ध न होने का बहाना बताते हैं। दूसरी कंपनी की बोतल बेचकर अधिक पैसे वसूले जा रहा है।
यात्रियों का कहना है कि कई बार पानी की बोतलों पर एमआरपी 14 रुपये अंकित होने के बाद भी 20 रुपये तक लिए जाते हैं। शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। रेलवे के अधिकारियों और कैटरिंग विभाग की नियमित जांच नहीं होने के कारण वेंडरों के हौसले बुलंद हैं।
वर्जन
रेलवे स्टेशन पर यदि कोई भी वेंडर अनाधिकृत कंपनियों के पानी की बोतले बेचते हैं तो उनकी शिकायत करें। उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ट्रेनों में वेंडरों पर कार्रवाई आरपीएफ करेगी।
-पंकज राजपाल, सीएमआई, रेलवे जंक्शन जींद