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Jind News: बाजार में अग्निशमन सुविधाएं मजबूत होे

Mon, 19 Jan 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 19 Jan 2026 12:00 AM IST
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Firefighting facilities in the market should be strengthened.
18जेएनडी20: विजेंद्र बंसल - फोटो : बिछिया से भ्रमण के लिए रवाना होता महिला किसानों का दल।
जींद। जिले के बाजार में लगातार सामने आ रही आग लगने की घटनाओं ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। कभी शॉर्ट सर्किट तो कभी मामूली चिंगारी के कारण दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो जाता है। ऐसे हादसों में छोटे और मध्यम व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनकी वर्षों की मेहनत और पूंजी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है। बाजार में अग्निशमन सुविधाएं मजबूत की जाए।
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आग लगने की एक ही घटना कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर देती है। पीड़ित व्यापारी न केवल आर्थिक नुकसान झेलता है बल्कि मानसिक तनाव और कर्ज के बोझ में भी डूब जाता है। व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ी परेशानी नुकसान की भरपाई को लेकर है, क्योंकि न तो समय पर सरकारी सहायता मिलती है और न ही सभी दुकानदार बीमा कराने की स्थिति में होते हैं।
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छोटे दुकानदार सीमित पूंजी में कारोबार करते हैं। बीमा प्रीमियम उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है इसलिए वे बीमा नहीं करा पाते। हादसे के बाद उन्हें निजी उधार या बैंक कर्ज का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाती है।
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व्यापारियों का मानना है कि हर आग लगने की घटना के लिए दुकानदार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। कई बार जर्जर बिजली लाइनें, पुराने ट्रांसफॉर्मर, संकरी बाजार गलियां और अग्निशमन सुविधाओं की कमी जैसे कारण हादसों की वजह बनते हैं। इसके बावजूद नुकसान की पूरी जिम्मेदारी व्यापारी पर ही आ जाती है।-सुशील सिंगला
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लगातार हो रही आग की घटनाओं का असर बाजार की रौनक और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कई व्यापारी नुकसान के बाद दोबारा दुकान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, जिससे रोजगार और व्यापार दोनों प्रभावित होते हैं।
--विजेंद्र बंसल
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सरकार से है कि आगजनी, प्राकृतिक आपदा या अन्य आकस्मिक घटनाओं में दुकानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए नीति बनाई जाए। इस नीति के तहत नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर पीड़ित व्यापारी को समय पर मुआवजा दिया जाए ताकि वह फिर से अपना व्यवसाय शुरू कर सके। साथ ही व्यापार आयोग को अधिक अधिकार देकर राहत प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की मांग भी उठी है।-रजत
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बाजारों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, बिजली ढांचे के सुधार और नियमित सुरक्षा जांच को भी अनिवार्य करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाना चाहिए।-बजंरग

इंसेट
व्यापारियों की मांगें
नुकसान की भरपाई के लिए स्थायी राहत नीति बने ताकि व्यापारी फिर से खड़े हो सकें।
छोटे दुकानदारों के लिए बीमा कराना आसान नहीं है। इसलिए सरकारी सहायता जरूरी है।
बाजारों में अग्निशमन सुविधाएं और बिजली सुरक्षा मजबूत की जाए, तभी हादसों पर रोक लग सके।

18जेएनडी20: विजेंद्र बंसल

18जेएनडी20: विजेंद्र बंसल- फोटो : बिछिया से भ्रमण के लिए रवाना होता महिला किसानों का दल।

18जेएनडी20: विजेंद्र बंसल

18जेएनडी20: विजेंद्र बंसल- फोटो : बिछिया से भ्रमण के लिए रवाना होता महिला किसानों का दल।

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