पुरानी मंडी के महाराजा अग्रसेन मंदिर में 26 अगस्त को किसान सर्व धर्म सभा का आयोजन करेंगे। किसान, मजदूर, व्यापारी सहित सभी धर्मोें के लोग इस कार्यक्रम में पहुंचेंगे। इस दिन किसान आंखों पर पट्टी बांध कर रोष प्रकट करेंगे। 26 अगस्त को किसान आंदोलन को नौ महीने पूरे होंगे। मीटिंग के बाद राष्ट्रपति के नाम कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग का एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजेंगे।
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि 1907 में जो किसानों ने अपने हक के लिए आंदोलन किया था, उससे बड़ा आंदोलन आज किया जा रहा है। आंदोलन को व्यापारी सहित सभी धर्मों के लोग अपना समर्थन दे रहे हैं। अंग्रेजों के शासनकाल में 1907 में जो आंदोलन भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह व पिता किशन सिंह की अगुवाई में शुरू हुआ था, वह आंदोलन नौ महीने चला था। इस आंदोलन के आगे अंग्रेजों की सरकार को झुकना पड़ा था। किसानों की जीत इस आंदोलन में हुई। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर किसानों को नौ महीने धरना देते होने वाले हैं, लेकिन सरकार आंखें बंद किए हुए है। सरकार को जगाने के लिए किसान 26 अगस्त को आंखों पर काली पट्टी बांधकर रोष प्रकट करेंगे। आज अपने परिवारों के साथ धरनों पर किसान व मजदूर बैठे हैं। लेकिन सरकार आंखें बंद किए हुए है। जब अंग्रेज किसान आंदोलन के नौ महीने के बाद मान गए तो पीएम नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह भी मांग को मानें, ताकि किसान अपने घर लौट सकें।