{"_id":"61365caa8ebc3e137c278746","slug":"farmers-will-reach-from-jind-to-gherao-the-mini-secretariat-in-cm-city-today-satbir-jind-news-rtk62317890","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज सीएम सिटी में लघु सचिवालय के घेराव के लिए जींद से पहुंचेंगे किसान: सतबीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज सीएम सिटी में लघु सचिवालय के घेराव के लिए जींद से पहुंचेंगे किसान: सतबीर
विज्ञापन
खटकड़ टोल पर पहुंचे विभिन्न गांवों से किसान। संवाद
- फोटो : Jind
खटकड़ टोल पर किसानों का धरना सोमवार को 255वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता रामनिवास छात्तर व टेकराम छापड़ा ने की।
खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत में हरियाणा प्रदेश से सबसे अधिक भागीदारी जींद जिले की रही। 7 सितंबर को सीएम सिटी करनाल में होने वाले लघु सचिवालय के घेराव में जींद जिले से ज्यादा से ज्यादा किसान, युवा व महिलाएं हिस्सा लेंगी। करनाल जिले में किसानों पर हुए लाठीचार्ज में एक किसान की मौत हुई थी। लाठीचार्ज के बाद जो मांग की गई थी, उनको पूरा करने का समय छह सितंबर का दिया गया था।
सतबीर ने कहा कि मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत में 36 बिरादरी के लोग पहुंचे। यहां पर जगह-जगह पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा भंडारे लगाए गए थे। उनके द्वारा वहां पर पहुंचने वाले किसानों पर पुष्प वर्षा की जा रही थी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई के भाईचारे की यह महापंचायत गवाह बनी। देश के इतिहास की सबसे बड़ी महापंचायत हुई, जिसमें लाखों लोग पहुंचे। यह केंद्र सरकार को किसान व मजदूर का संदेश है कि जो आंखें बंद किए केंद्र सरकार सोई है वह अपनी नींद खोल कर कृषि कानूनों को रद्द करे व एमएसपी पर कानून बनाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के जो भी विधायक, मंत्री व नेता लोगों के बीच भाईचारे को खराब करने के लिए आते हैं उनका जोरदार विरोध किया जाएगा। जब तक किसान आंदोलन चलेगा तब तक दोनों पार्टियों के नेताओं, विधायकों व मंत्रियों का विरोध जारी रहेगा।
इस मौके पर सूबेदार बलबीर सिंह, कैप्टन रणधीर चहल, बिजेंद्र सिंधु, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, कुलबीर मलिक, जयप्रकाश, संदीप चहल व सुशील नरवाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत में हरियाणा प्रदेश से सबसे अधिक भागीदारी जींद जिले की रही। 7 सितंबर को सीएम सिटी करनाल में होने वाले लघु सचिवालय के घेराव में जींद जिले से ज्यादा से ज्यादा किसान, युवा व महिलाएं हिस्सा लेंगी। करनाल जिले में किसानों पर हुए लाठीचार्ज में एक किसान की मौत हुई थी। लाठीचार्ज के बाद जो मांग की गई थी, उनको पूरा करने का समय छह सितंबर का दिया गया था।
सतबीर ने कहा कि मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत में 36 बिरादरी के लोग पहुंचे। यहां पर जगह-जगह पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा भंडारे लगाए गए थे। उनके द्वारा वहां पर पहुंचने वाले किसानों पर पुष्प वर्षा की जा रही थी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई के भाईचारे की यह महापंचायत गवाह बनी। देश के इतिहास की सबसे बड़ी महापंचायत हुई, जिसमें लाखों लोग पहुंचे। यह केंद्र सरकार को किसान व मजदूर का संदेश है कि जो आंखें बंद किए केंद्र सरकार सोई है वह अपनी नींद खोल कर कृषि कानूनों को रद्द करे व एमएसपी पर कानून बनाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के जो भी विधायक, मंत्री व नेता लोगों के बीच भाईचारे को खराब करने के लिए आते हैं उनका जोरदार विरोध किया जाएगा। जब तक किसान आंदोलन चलेगा तब तक दोनों पार्टियों के नेताओं, विधायकों व मंत्रियों का विरोध जारी रहेगा।
विज्ञापन
इस मौके पर सूबेदार बलबीर सिंह, कैप्टन रणधीर चहल, बिजेंद्र सिंधु, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, कुलबीर मलिक, जयप्रकाश, संदीप चहल व सुशील नरवाल मौजूद रहे।