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Jind News: किसानों का अल्टीमेटम, डीसी कार्यालय के बाहर उतारेंगे पराली

Tue, 22 Oct 2024 03:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 22 Oct 2024 03:15 AM IST
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Farmers' ultimatum, will unload stubble outside DC office
21जेएनडी14: मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए भाकियू के सदस्य।
जींद। धान के अवशेष जलाने पर प्रशासन ने रविवार को सात किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इससे नाराज भाकियू ने सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया कि यदि धान अवशेष प्रबंधन के लिए उचित मशीनरी नहीं उपलब्ध करवाई गई तो पराली को ट्रॉलियों में भरकर डीसी कार्यालय के बाहर उतारेंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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प्रशासन को जिले में अब तक धान के अवशेष जलाने के सेटेलाइट से 49 मामले मिले हैं। पराली जलाने वाले किसानों पर कुल 95 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना वसूलने के बाद भी अलेवा खंड के सात किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेद रेढू, युवा जिलाध्यक्ष बिंद्र नंबरदार, जिला प्रधान बारूराम, प्रदेश प्रवक्ता छज्जूराम के अलावा खटकड़ टोल जन कल्याण किसान मजदूर समिति से कैप्टन भूपेंद्र जागलान, कैप्टन वेदप्रकाश, सूरजमल जुलानी, महेंद्र चहल, बलवान सिंह छापड़, आदित्य काब्रच्छा के नेतृत्व में किसान ने सोमवार को शिव कॉलोनी स्थित भाकियू जिला कार्यालय में एकत्रित हुए। इसके बाद वहां से अनाज मंडी जाकर मार्केट कमेटी सचिव को धान पूरे रेट पर खरीदने व उठान करवाकर 72 घंटे में पेमेंट करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
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इसके बाद भाकियू ने प्रशासन से किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और किसानों को धान के अवशेष के उचित प्रबंधन करने के लिए मशीनरी उपलब्ध करवाने की मांग की। उन्होंने जिला प्रशासन से ब्योरा मांगा कि धान के अनुरूप कितनी मशीनरी उपलब्ध हैं। कहां पर इनकी व्यवस्था की गई है। इनके क्या रेट हैं।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने कंबाइन से 10 दिन पहले धान कटवाया था, उनको आज तक अवशेष प्रबंधन करने के लिए मशीनरी नहीं मिल रही है। अब गेहूं की बिजाई का सीजन आ चुका है। किसानों को खेत की सिंचाई करनी है। गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करना है। अब किसानों के पास समय का अभाव है लेकिन प्रशासन व सरकार उनका सहयोग करने के बदले उत्पीड़न करके जेल में डालने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।

कार्यालय में नहीं मिलते कृषि विभाग के अधिकारी

भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि वह धान अवशेष प्रबंधन की व्यवस्था के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से मिलने के लिए दो बार उनके कार्यालय में आ चुके हैं लेकिन वे होते ही नहीं हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारी व्यवस्था की जानकारी नहीं दे पाते हैं। यह विभाग की जिम्मेदारी है कि वह किसानों का सहयोग कर धान अवशेष प्रबंधन के लिए उचित व्यवस्था करवाए।


कृषि विभाग की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है कि अगर किसी किसान ने धान के अवशेष जलाए तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बाद किसान की गिरफ्तारी की जाएगी। आगामी दो वर्ष तक वह फसल मंडी में नहीं बेच पाएगा। विभाग से मिलने वाली कोई भी सुविधा नहीं ले पाएगा। इससे बचने के लिए किसान खेत में धान के अवशेष न जलाएं। -गिरीश नागपाल, उपनिदेशक, कृषि विभाग, जींद।

21जेएनडी14: मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए भाकियू के सदस्य।

21जेएनडी14: मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए भाकियू के सदस्य।

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