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बिजली किल्लत से परेशान किसानों ने लगाया जाम
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जाम लगने के कारण लगी वाहनों की लाइन। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। नगूरां एपी फिडर पर बिजली न मिलने से परेशान नगूरां तथा आसपास गांव के किसानों ने वीरवार रात को जींद-असंध मार्ग पर नगूरां गांव में 132 केवी बिजली घर के सामने जाम लगा दिया। जाम लगाने की सूचना मिलते नगूरां चौकी कार्यकारी प्रभारी सतीश कुमार तथा निगम कार्यकारी एसडीओ पालेराम मौके पर पहुंचे तथा किसानों को बिजली देने के आश्वासन देकर करीब आधे घंटे से लगे जाम को खुलवा दिया।
किसानों का कहना था कि नगूरां गांव में एपी फीडर पर सुबह के समय 6:30 पर बिजली गई थी और रात के 10 बजने को बावजूद भी नहीं आई है। 24 घंटे में से केवल मात्र 7 से 8 घंटे ही बिजली किसानों को मिल रही है। अगर निगम ओवरलोड के कारण उनकी बिजली रात के समय नहीं चला सकता तो कम से कम दिन के समय छह बजे चलाने का काम किया जाए। किसानों को खेतों में कम बिजली मिलने के कारण उनकी धान की फसल बिलकुल सूख गई है। खेतों की बिजली गुल रहने के मामले में अनेक बार विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा उच्च लेवल का मामला बताकर उनकी बातों को अनसुना कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि बिजली के गुल रहने से खेतों में रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। खेतों में रहने वाले लोग जैसे-तैसे करके पीने का पानी गांव से ले जाते हैं, लेकिन पशुओं के लिए पीने का पानी परेशानी बना हुआ है। ग्रामीणों ने कार्यकारी निगम एसडीओ पालेराम से खेतों के फीडर की बिजली सुबह के समय चलाने की मांग की है।
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किसानों का कहना था कि नगूरां गांव में एपी फीडर पर सुबह के समय 6:30 पर बिजली गई थी और रात के 10 बजने को बावजूद भी नहीं आई है। 24 घंटे में से केवल मात्र 7 से 8 घंटे ही बिजली किसानों को मिल रही है। अगर निगम ओवरलोड के कारण उनकी बिजली रात के समय नहीं चला सकता तो कम से कम दिन के समय छह बजे चलाने का काम किया जाए। किसानों को खेतों में कम बिजली मिलने के कारण उनकी धान की फसल बिलकुल सूख गई है। खेतों की बिजली गुल रहने के मामले में अनेक बार विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा उच्च लेवल का मामला बताकर उनकी बातों को अनसुना कर दिया जाता है।
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उन्होंने बताया कि बिजली के गुल रहने से खेतों में रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। खेतों में रहने वाले लोग जैसे-तैसे करके पीने का पानी गांव से ले जाते हैं, लेकिन पशुओं के लिए पीने का पानी परेशानी बना हुआ है। ग्रामीणों ने कार्यकारी निगम एसडीओ पालेराम से खेतों के फीडर की बिजली सुबह के समय चलाने की मांग की है।
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