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Jind News: किसान का जुलाना में तीन घंटे का सांकेतिक धरना 23 जून को
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जींद। किसान यूनियन, सामाजिक संगठनों की बैठक में निर्णय लिया कि 23 जून को जुलाना में तीन घंटे का सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी प्रशासन, सरकार जनता की मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन शुरू किया जाएगा जो कि मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा।
किसान नेता नरेंद्र ढांडा ने कहा कि किसानों ने भारत सरकार, अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का भी विरोध करने का निर्णय लिया है। किसानों के हितों के विपरीत किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी विषय को लेकर एसडीएम जुलाना के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम किसान ज्ञापन भेजेंगे।
ढांडा ने कहा कि जुलाना को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद क्षेत्र की जनता को आज भी सरकारी कार्यों के लिए जींद जाना पड़ता है। कहा कि जब जुलाना को उपमंडल बनाया जा चुका है तो जुलाना क्षेत्र से संबंधित सरकारी एवं प्रशासनिक कार्य जुलाना में ही होने चाहिए। जुलाना तहसील में स्थायी तहसीलदार की नियुक्ति न होने के कारण लोगों के कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं।
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इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायतें दी। लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, युवाओं, आम नागरिकों से अपील की कि वे 23 जून को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।
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किसान नेता नरेंद्र ढांडा ने कहा कि किसानों ने भारत सरकार, अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का भी विरोध करने का निर्णय लिया है। किसानों के हितों के विपरीत किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी विषय को लेकर एसडीएम जुलाना के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम किसान ज्ञापन भेजेंगे।
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ढांडा ने कहा कि जुलाना को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद क्षेत्र की जनता को आज भी सरकारी कार्यों के लिए जींद जाना पड़ता है। कहा कि जब जुलाना को उपमंडल बनाया जा चुका है तो जुलाना क्षेत्र से संबंधित सरकारी एवं प्रशासनिक कार्य जुलाना में ही होने चाहिए। जुलाना तहसील में स्थायी तहसीलदार की नियुक्ति न होने के कारण लोगों के कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं।
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इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायतें दी। लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, युवाओं, आम नागरिकों से अपील की कि वे 23 जून को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।