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Jind News: किसानों ने खेत की पराली में लगाई आग, जुर्माना
Fri, 24 Nov 2023 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 24 Nov 2023 12:01 AM IST
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23जेएनडी30-खोखरी गांव के खेतों में लगी आग बुझाते हुए प्रशासनिक अमला। विज्ञप्ति
जींद। खौखरी व बोहतवाला गांवों में खेत में पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। पराली में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए तहसीलदार रविंद्र हुड्डा, नायब तहसीलदार अजय चौहान और कृषि विभागों के अधिकारियों ने वीरवार को खोखरी तथा बोहतवाला गांवों का दौरा किया।
अधिकारियों को खौखरी व बोहतवाला गांव के खेत में फसल अवशेषों में आग लगी दिखी उन्होंने काफिला रोककर किसान के खेत में जाकर फसल अवशेषों में लगाई गई आग को बुझवाया। अधिकारियों ने फसल अवशेषों में आग लगाने वाले किसानों पर जुर्माना भी लगाया। वहीं दूसरी और खोखरी गांव में एक किसान द्वारा फसल अवशेषों का प्रबंध कृषि यंत्रों के माध्यम से समुचित प्रबंध किया जा रहा था उसको लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने किसान की सराहना की और किसान को कहा कि वे अपने आसपास पड़ोसी किसान को भी फसल अवशेष प्रबंध बारे जागरूक करें। एसडीएम पंकज ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेषों का न जलाएं कृषि यंत्रों के साथ उनका प्रबंध करें।
प्रदूषण से नहीं मिल रही राहत, जींद का एक्यूआई रहा 340
दीपावली के बाद से ही जिले में प्रदूषण से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बीच में कुछ मौसम रहा था जिसके चलते एक्यूआई में कमी भी आई थी। वीरवार को प्रदूषण का स्तर दिन में 340 रहा तो शाम तक प्रदूषण का स्तर 334 तक पहुंच गया। 200 से ज्यादा एक्यूआई सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 0-50 स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा, 51-100 संतोषजनक (संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ), 101-200 संतुलित (फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ ), 201-300 पूअर (लंबे समय तक एक्सपोजर पर ज्यादातर लोगों को सांस लेने में तकलीफ ), 301-400 वैरी पूअर (लंबे समय तक एक्सपोजर पर सांस की बीमारी होने का खतरा), 400-500 बेहद गंभीर जो स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और सांस की बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
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एसडीएम आईएएस डॉ. पंकज ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। खोखरी और बोहतवाला में किसानों ने पराली में आग लगाई हुई थी, जिसे तुरंत बुझाया गया और आग लगाने वाले किसानों को नियमानुसार जुर्माना किया गया।
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अधिकारियों को खौखरी व बोहतवाला गांव के खेत में फसल अवशेषों में आग लगी दिखी उन्होंने काफिला रोककर किसान के खेत में जाकर फसल अवशेषों में लगाई गई आग को बुझवाया। अधिकारियों ने फसल अवशेषों में आग लगाने वाले किसानों पर जुर्माना भी लगाया। वहीं दूसरी और खोखरी गांव में एक किसान द्वारा फसल अवशेषों का प्रबंध कृषि यंत्रों के माध्यम से समुचित प्रबंध किया जा रहा था उसको लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने किसान की सराहना की और किसान को कहा कि वे अपने आसपास पड़ोसी किसान को भी फसल अवशेष प्रबंध बारे जागरूक करें। एसडीएम पंकज ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेषों का न जलाएं कृषि यंत्रों के साथ उनका प्रबंध करें।
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प्रदूषण से नहीं मिल रही राहत, जींद का एक्यूआई रहा 340
दीपावली के बाद से ही जिले में प्रदूषण से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बीच में कुछ मौसम रहा था जिसके चलते एक्यूआई में कमी भी आई थी। वीरवार को प्रदूषण का स्तर दिन में 340 रहा तो शाम तक प्रदूषण का स्तर 334 तक पहुंच गया। 200 से ज्यादा एक्यूआई सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 0-50 स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा, 51-100 संतोषजनक (संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ), 101-200 संतुलित (फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ ), 201-300 पूअर (लंबे समय तक एक्सपोजर पर ज्यादातर लोगों को सांस लेने में तकलीफ ), 301-400 वैरी पूअर (लंबे समय तक एक्सपोजर पर सांस की बीमारी होने का खतरा), 400-500 बेहद गंभीर जो स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और सांस की बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
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एसडीएम आईएएस डॉ. पंकज ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। खोखरी और बोहतवाला में किसानों ने पराली में आग लगाई हुई थी, जिसे तुरंत बुझाया गया और आग लगाने वाले किसानों को नियमानुसार जुर्माना किया गया।