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Jind News: गिरफ्तारी दिए बिना लौटे किसान, नेताओं की जमानत के लिए जाएंगे कोर्ट
Fri, 08 Mar 2024 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:33 AM IST
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जींद। किसान नेता अक्षय नरवाल और दो अन्य की गिरफ्तारी के विरोध में वीरवार को काफी संख्या में किसान लघु सचिवालय पहुंचकर दो घंटे तक धरना दिया। इसके बाद किसानों ने गिरफ्तारी देना चाहा तो पुलिस अधीक्षक ने उन्हें मिलने के लिए बुला लिया। 11 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार से बातचीत की। इसमें सहमति बनी कि किसान नेताओं की रिहाई के लिए किसान अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके बाद ही किसानों को जमानत मिलेगी। बातचीत के बाद किसान बिना गिरफ्तारी दिए लौट गए।
13 फरवरी को किसान नेता अक्षय नरवाल, प्रवीन मदीना और वीरेंद्र कोयल को पुलिस ने दातासिंह वाला बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया था। तीनों पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसी दिन से किसान इनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। कथूरा गांव में इसके लिए धरना भी चल रहा है। वीरवार को इन किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर किसानों का गिरफ्तारी देने का कार्यक्रम था। सुबह 11 बजे से लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने धरना शुरू कर दिया। एक बजे पुलिस अधीक्षक का किसानों के पास बातचीत के लिए न्योता आ गया। इसके बाद 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से बातचीत की। बाहर आने के बाद किसानों ने कहा कि उनकी पुलिस से बातचीत हो गई है। वह अदालत में याचिका दायर करके अपने साथियों की जमानत करवाएंगे। इसके बाद किसान लौट गए।
पुलिस के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत
भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील नरवाल व प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका खरकरामजी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से उनकी बातचीत हो गई है। अब वह अदालत में याचिका लगाकर अपने साथियों की जमानत करवाएंगे। पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
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किसान नेताओं के साथ बातचीत हो गई है। मामला अदालत में है। अब इसमें अदालत ही फैसला करेगी। पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में सौंप देगी। किसान जमानत के लिए याचिका लगाएंगे। अदालत ही इसमें जमानत देने या नहीं देने का फैसला करेगी। पुलिस अपना काम कर रही है। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक।
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13 फरवरी को किसान नेता अक्षय नरवाल, प्रवीन मदीना और वीरेंद्र कोयल को पुलिस ने दातासिंह वाला बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया था। तीनों पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसी दिन से किसान इनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। कथूरा गांव में इसके लिए धरना भी चल रहा है। वीरवार को इन किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर किसानों का गिरफ्तारी देने का कार्यक्रम था। सुबह 11 बजे से लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने धरना शुरू कर दिया। एक बजे पुलिस अधीक्षक का किसानों के पास बातचीत के लिए न्योता आ गया। इसके बाद 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से बातचीत की। बाहर आने के बाद किसानों ने कहा कि उनकी पुलिस से बातचीत हो गई है। वह अदालत में याचिका दायर करके अपने साथियों की जमानत करवाएंगे। इसके बाद किसान लौट गए।
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पुलिस के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत
भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील नरवाल व प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका खरकरामजी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से उनकी बातचीत हो गई है। अब वह अदालत में याचिका लगाकर अपने साथियों की जमानत करवाएंगे। पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
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किसान नेताओं के साथ बातचीत हो गई है। मामला अदालत में है। अब इसमें अदालत ही फैसला करेगी। पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में सौंप देगी। किसान जमानत के लिए याचिका लगाएंगे। अदालत ही इसमें जमानत देने या नहीं देने का फैसला करेगी। पुलिस अपना काम कर रही है। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक।