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यूरिया के साथ दवाई देने पर भड़के किसान

Tue, 05 Jul 2022 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 12:15 AM IST
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Farmers furious for giving medicine with urea
किसानों की शिकायत सुनते अधिकारी। संवाद। - फोटो : Jind
जुलाना। किसान सुविधा केंद्र पर यूरिया लेने आए किसानों को इफको कर्मचारी जबरदस्ती दवाई दे रहे हैं। किसानों ने इसका विरोध करते हुए किसान सुविधा केंद्र पर हंगामा किया। सूचना पाकर कृषि विभाग के एसडीओ बलजीत मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया।
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लुदाना निवासी किसान विनोद, सुरेंद्र, राजबीर, शादीपुर निवासी पवन, वीरेंद्र, आशीष व अमित ने बताया कि वह धान की फसल में डालने के लिए यूरिया खाद लेने किसान सुविधा केंद्र में आए थे। जब वह खाद ले रहे थे तो दुकान में बैठे इफको कर्मचारी उनको कीटनाशक भी जबरदस्ती दे रहे थे। इसके बदले उनसे 240 रुपये वसूल रहे थे। किसानों ने इसका विरोध किया लेकिन कर्मचारी नहीं माने। इसके बाद उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दी और खाद लेना बंद कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि गेहूं के सीजन में भी उनपर कीटनाशक की बोतल थोपी जा रही थी, इसके बाद ही खाद दिया जा रहा था। हंगामे की सूचना कृषि अधिकारी बलजीत मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या सुनी।
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सेल्स मैनेजर का तर्क- कीटनाशक नहीं नैनो यूरिया की दी जा रही बोतल
किसान सुविधा केंद्र के सेल्स मैनेजर रवि पांडे ने बताया कि किसानों को 15 बैग यूरिया के साथ दो बोतल नैनो यूरिया की दी जा रही हैं। एक बोतल एक बैग इतना ही काम करती है। इस बार ट्रॉयल बेस पर नैनो लिक्विड दिया जा रहा है। किसानों ने लेने से मना कर दिया तो उनको बोतल नहीं दी जा रही। यह सब किसानों को नैनो यूरिया के प्रति जागरूक करने के लिए किया जा रहा है।
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पूरे प्रदेश में किया जाएगा विरोध
किसान छात्र एकता संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सुमित लाठर ने कहा कि किसानों को जबरदस्ती नैनो यूरिया की बोतल नहीं थोंपी जा सकती। सरकार को किसानों को ट्रायल के तौर पर इसके मुफ्त देना चाहिए। जब किसान नैनो यूरिया नहीं लेना चाहता तो इसके जबरदस्ती क्यों दिया जा रहा है। पूरे प्रदेश में संगठन द्वारा अभियान चलाकर इसका विरोध किया जाएगा। जो किसान नैनो यूरिया की बोतल लेना चाहता है, उसे दी जाए अन्यथा जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए।

किसानों को नैनो यूरिया की बोतल दी जा रही थी। किसान इसे दवा समझ रहे हैं। यह एक बोतल एक बैग के बराबर काम करती है। जो किसान नैनो यूरिया की बोतल नहीं लेना चाहता है तो उसे नहीं दी जा रही है। किसानों को नैनो यूरिया के प्रति जागरूक किया जाएगा।
--बलजीत सिंह, एसडीओ कृषि विभाग।
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