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किसानों ने टीकाकरण के प्रति जताई गहरी नाराजगी
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अलेवा। स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को गांव चांदपुर मेें किसानों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए पहुंची थी। इस दौरान किसानों ने टीम के सामने गहरी नाराजी जताई। उन्होंने कहा कि कोरोना नाम की कोई महामारी नहीं है। देश में किसानों के खिलाफ सरकार की यह एक साजिश है। जब देश के प्रधानमंत्री चुनाव रैलियां कर रहे थे, तब कोरोना कहां चला गया था। किसान वैक्सीन लगवाने के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे सरकार मनसूबे को कामयाब नहीं होने देंगे।
इस दौरान किसानों ने टीम को ताकीद किया कि वह केवल गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र पर ही कोरोना की जांच करें। गांव में घर-घर न जाएं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के चलते सरकार के प्रति किसानों को भारी गुस्सा है, क्योंकि किसान पिछले पांच माह से कृषि काूननों को रदद करवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग अनसुनी करती रही है। सरकार के विरोध के चलते किसानों ने चांदपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले माह चलाया जा रहा वैक्सीनेशन कैंप का विरोध करते हुए उसको बंद करवा दिया था। दो दिन पहले भी एडीसी मनोज कुमार ने गांव में पहुंच कर स्वास्थ्य विभाग की टीम को टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने के आदेश दिए थे।
उधर, नगूरां पीएचसी प्रभारी डॉ. संध्या ने बताया कि चांदपुर गांव में किसानों द्वारा वैक्सीनेशन कैंप का विरोध करने का मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया था। बुधवार को गांव में पहुंच कर किसानों को कोरोना महामारी व वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया गया है। किसान काफी हद तक सहमत भी हो गए हैं। तभी उन्होंने गांव के ही उप स्वास्थ्य केंद्र पर पहले कोरोना संक्रमण की जांच करने और उसके बाद वैक्सीनेशन करवाने की बात रखी है। किसानों द्वारा रखी बातों को विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
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इस दौरान किसानों ने टीम को ताकीद किया कि वह केवल गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र पर ही कोरोना की जांच करें। गांव में घर-घर न जाएं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के चलते सरकार के प्रति किसानों को भारी गुस्सा है, क्योंकि किसान पिछले पांच माह से कृषि काूननों को रदद करवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग अनसुनी करती रही है। सरकार के विरोध के चलते किसानों ने चांदपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले माह चलाया जा रहा वैक्सीनेशन कैंप का विरोध करते हुए उसको बंद करवा दिया था। दो दिन पहले भी एडीसी मनोज कुमार ने गांव में पहुंच कर स्वास्थ्य विभाग की टीम को टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने के आदेश दिए थे।
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उधर, नगूरां पीएचसी प्रभारी डॉ. संध्या ने बताया कि चांदपुर गांव में किसानों द्वारा वैक्सीनेशन कैंप का विरोध करने का मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया था। बुधवार को गांव में पहुंच कर किसानों को कोरोना महामारी व वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया गया है। किसान काफी हद तक सहमत भी हो गए हैं। तभी उन्होंने गांव के ही उप स्वास्थ्य केंद्र पर पहले कोरोना संक्रमण की जांच करने और उसके बाद वैक्सीनेशन करवाने की बात रखी है। किसानों द्वारा रखी बातों को विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
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