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Jind News: डीएपी के लिए किसान काट रहे एजेंसियों के चक्कर, स्टॉक खत्म
Sat, 20 Sep 2025 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 20 Sep 2025 11:28 PM IST
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20जेएनडी13: पेगां में पैक्स कार्यालय जहां पर किसानों को डीएपी के लिए किल्लत का सामना करना पड़ र
अलेवा। धान की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। इसके बाद गेहूं व सरसों की बिजाई शुरू होगी। इसके लिए किसान अभी से डीएपी खरीद कर स्टॉक करना चाहतें हैं लेकिन किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा। नगूरां व पेगां सरकारी खरीद केंद्रों पर डीएपी खाद का स्टाॅक खत्म है।
नगूरां, पेगां व आसपास गांव के किसान विकास, हवा सिंह, रघुबीर, संदीप, महाबीर, सतपाल, बिंद्र, दलबीर, बिजेंद्र ने कहा कि धान की कटाई के साथ ही गेंहू व सरसों की बिजाई शुरू हो जाती है। नगूरां व पेगां सरकारी खरीद केंद्रों पर डीएपी खाद के अलावा यूरिया खाद की भी कमी है। किसानों ने इस समस्या का पूरी तरह से कृषि विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
किसानों का कहना है कि विभाग के आला अधिकारी किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। सरकारी खाद एजेंसियों ने कृषि विभाग के आलाधिकारियों के पत्र का हवाला देकर 30 सितबंर तक किसी भी किसान को डीएपी खाद वितरण न करने की बात कही है लेकिन नगूरां, अलेवा समेत दर्जनों निजी खाद दुकानदारों के यहां किसानों की भीड़ लगी रहती है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को जब भी खाद की आवश्यकता होती है। उसी दौरान सरकारी खरीद एजेंसियों पर खाद की कमी हो जाती है लेकिन निजी दुकानदार विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर मनमर्जी के रेटों पर किसानों को खाद उपलब्ध करवाकर ठगी कर रहे हैं। इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को भी है।
अधिकारी भी सब कुछ जानते हुए मौन साधे हुए हैं। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए इफको और कृभको सरकारी एजेंसियों की व्यवस्था है लेकिन इसके बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद का स्टाॅक नहीं होने पर एजेंसियों पर या तो ताला लटका मिलता है या फिर शटर डाउन मिलता है।
किसानों का कहना है कि अगर समय पर डीएपी खाद नहीं मिला तो फसल की बिजाई प्रभावित होगी। प्रत्येक वर्ष खाद की इसी प्रकार किल्लत होती है। किसानों का कहना है कि निजी खाद विक्रेता किसानों को खाद के साथ कीटनाशक दवाइयों के लिए बाध्य कर रहे हैं और ऊपर से रेट भी मनमर्जी के ले रहे हैं।
नगूरां व पेगां से भेजी मांग
नगूरां में करीब 15 हजार व पेगां में 16 हजार डीएपी खाद के कट्टों की डिमांड कृषि विभाग को भेजी हुई है। यूरिया खाद के लिए भी डिमांड भेजी है। डीएपी खाद के लिए किसान सरकारी खरीद एजेंसियां (पैक्स) पर आ रहे हैं लेकिन उनके पास डीएपी खाद का किसी प्रकार का स्टाॅक नहीं हैं। कृषि विभाग ने 30 सितंबर तक खाद वितरण पर रोक लगा रखी है। यूरिया खाद भी पैक्स में नाममात्र बचा है। -रणबीर सिंह पैक्स मैनेजर।
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नगूरां, पेगां व आसपास गांव के किसान विकास, हवा सिंह, रघुबीर, संदीप, महाबीर, सतपाल, बिंद्र, दलबीर, बिजेंद्र ने कहा कि धान की कटाई के साथ ही गेंहू व सरसों की बिजाई शुरू हो जाती है। नगूरां व पेगां सरकारी खरीद केंद्रों पर डीएपी खाद के अलावा यूरिया खाद की भी कमी है। किसानों ने इस समस्या का पूरी तरह से कृषि विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
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किसानों का कहना है कि विभाग के आला अधिकारी किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। सरकारी खाद एजेंसियों ने कृषि विभाग के आलाधिकारियों के पत्र का हवाला देकर 30 सितबंर तक किसी भी किसान को डीएपी खाद वितरण न करने की बात कही है लेकिन नगूरां, अलेवा समेत दर्जनों निजी खाद दुकानदारों के यहां किसानों की भीड़ लगी रहती है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को जब भी खाद की आवश्यकता होती है। उसी दौरान सरकारी खरीद एजेंसियों पर खाद की कमी हो जाती है लेकिन निजी दुकानदार विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर मनमर्जी के रेटों पर किसानों को खाद उपलब्ध करवाकर ठगी कर रहे हैं। इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को भी है।
अधिकारी भी सब कुछ जानते हुए मौन साधे हुए हैं। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए इफको और कृभको सरकारी एजेंसियों की व्यवस्था है लेकिन इसके बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद का स्टाॅक नहीं होने पर एजेंसियों पर या तो ताला लटका मिलता है या फिर शटर डाउन मिलता है।
किसानों का कहना है कि अगर समय पर डीएपी खाद नहीं मिला तो फसल की बिजाई प्रभावित होगी। प्रत्येक वर्ष खाद की इसी प्रकार किल्लत होती है। किसानों का कहना है कि निजी खाद विक्रेता किसानों को खाद के साथ कीटनाशक दवाइयों के लिए बाध्य कर रहे हैं और ऊपर से रेट भी मनमर्जी के ले रहे हैं।
नगूरां व पेगां से भेजी मांग
नगूरां में करीब 15 हजार व पेगां में 16 हजार डीएपी खाद के कट्टों की डिमांड कृषि विभाग को भेजी हुई है। यूरिया खाद के लिए भी डिमांड भेजी है। डीएपी खाद के लिए किसान सरकारी खरीद एजेंसियां (पैक्स) पर आ रहे हैं लेकिन उनके पास डीएपी खाद का किसी प्रकार का स्टाॅक नहीं हैं। कृषि विभाग ने 30 सितंबर तक खाद वितरण पर रोक लगा रखी है। यूरिया खाद भी पैक्स में नाममात्र बचा है। -रणबीर सिंह पैक्स मैनेजर।