फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Family identity card has become a problem for laborers: Subhash Panchal

परिवार पहचान पत्र मजदूरों के लिए बना जी का जंजाल : सुभाष पांचाल

Fri, 29 Dec 2023 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 29 Dec 2023 12:34 AM IST
विज्ञापन
Family identity card has become a problem for laborers: Subhash Panchal
28जेएनडी07: बैठक में भाग लेते भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्य। संवाद
जुलाना। कस्बे के वार्ड नम्बर दस में भवन निर्माण कामगार यूनियन की बैठक मजदूर नेता सुभाष पांचाल की अध्यक्षता में हुई। सुभाष पांचाल ने कहा कि हरियाणा में निर्माण मजदूरों के लिए भवन एवं सह निर्माण कर्मकार बोर्ड का गठन 2006 में हुआ।
विज्ञापन

2007 में मजदूरों का पंजीकरण होना शुरु हो गया लेकिन जब से परिवार पहचान पत्र बने हैं निर्माण मजदूर पंजीकरण के लिए सुविधाओं के लिए दर.दर की ठोकरे खा रहे है। परिवार पहचान पत्र में निर्माण मजदूर की बजाय अन्य लेबर किया गया है। जो पंजीकृत मजदूर हैं उनका भी परिवार पहचान पत्र में अन्य लेबर किया गया है जिससे निर्माण मजदूर कोई भी फॉर्म अप्लाई करता है तो परिवार पहचान पत्र में जो त्रुटि है वह आगे आ जाती है। जिससे न तो उसका कोई फॉर्म अप्लाई होता और नहीं रिन्यूअल फीस जमा होती जिससे निर्माण मजदूर धक्के खाने को मजबूर है।
विज्ञापन

श्रम कल्याण बोर्ड को चाहिए कि जो पंजीकृत मजदूर हैं उनका परिवार पहचान पत्र में जो त्रुटियां हैं ठीक करने की जिम्मेदारी श्रम कल्याण बोर्ड की होनी चाहिए। जिससे निर्माण मजदूर को इसका लाभ मिल सके। रिक्वेस्ट डालने के बाद भी यह त्रुटियां ठीक नहीं हो रही है जिससे निर्माण मजदूर को लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। जल्द ही परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां ठीक नहीं की गई तो निर्माण मजदूर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। इस अवसर पर ईश्वर ठाकुर, सुल्तान जांगड़ा, शीशपाल, अशोक कुमार, विजय कुमार, बिजेंद्र मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed