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जिले में बढ़ रहा नकली डीजल का धंधा, पेट्रोल पंप मालिकों में रोष
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डीएफएससी वरिंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपते पेट्रोल पंप संचालक। विज्ञप्ति
- फोटो : Jind
जींद। जिले के पेट्रोल पंप मालिकों ने जिले में नकली डीजल बिक्री का आरोप लगाया है। उन्होंने डीसी, एसपी व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि 15 नवंबर तक प्रशासन ने नकली डीजल की बिक्री पर रोक नहीं लगाई तो जिले भर के पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल शुरू कर देंगे।
अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि लंबे समय से नकली डीजल का कारोबार चल रहा है। सप्लायर वाहनों में रखकर यह रसायन खुले आम बेच रहे हैं। जींद पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि यह विशेष प्रकार का रसायन है, जो लुब्रिकेंट्स, ग्रीस व पेंट बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इससे इंजन को काफी नुकसान होता है।
बढ़ता है प्रदूषण स्तर
राकेश बंसल के अनुसार भारत में फिलहाल बीएस-छह स्तर के वाहनों का प्रचलन है, लेकिन यह रसायन युक्त डीजल महज बीएस-दो स्तर का है। इससे प्रदूषण बढ़ता है। बंसल के अनुसार इस रसायन में लेड व सल्फर की मात्रा तय मानकों से कई गुना अधिक होती है।
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करीब 40 हजार लीटर डीजल की खपत
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार जिले में करीब दो लाख लीटर डीजल पेट्रोल पंपों से बिकता था। लेकिन अब इसमें करीब 40 हजार लीटर की कमी चल रही है। ऐसे 40 हजार लीटर यह रसायन युक्त नकली डीजल मार्केट में जा रहा है।
30-40 रुपये है सस्ता
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार फिलहाल जिले में डीजल 86-87 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन नकली डीजल 30 से 40 रुपये प्रति लीटर सस्ता होता है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स व अधिक डीजल की खपत वाली जगहों पर नकली डीजल सप्लाई हो रहा है।
अन्य मांगों के लिए भी सौंपा ज्ञापन
जींद पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि नकली डीजल का बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा पेट्रोल पंप डीलर्स का कमीशन बढ़ाने, चार साल का बकाया कमीशन देने व एक्साइज व वैट घटने से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई है। यदि 15 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं हुई तो डीलर्स हड़ताल पर चले जाएंगे।
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उनका कहना है कि यदि 15 नवंबर तक प्रशासन ने नकली डीजल की बिक्री पर रोक नहीं लगाई तो जिले भर के पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल शुरू कर देंगे।
अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि लंबे समय से नकली डीजल का कारोबार चल रहा है। सप्लायर वाहनों में रखकर यह रसायन खुले आम बेच रहे हैं। जींद पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि यह विशेष प्रकार का रसायन है, जो लुब्रिकेंट्स, ग्रीस व पेंट बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इससे इंजन को काफी नुकसान होता है।
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बढ़ता है प्रदूषण स्तर
राकेश बंसल के अनुसार भारत में फिलहाल बीएस-छह स्तर के वाहनों का प्रचलन है, लेकिन यह रसायन युक्त डीजल महज बीएस-दो स्तर का है। इससे प्रदूषण बढ़ता है। बंसल के अनुसार इस रसायन में लेड व सल्फर की मात्रा तय मानकों से कई गुना अधिक होती है।
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करीब 40 हजार लीटर डीजल की खपत
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार जिले में करीब दो लाख लीटर डीजल पेट्रोल पंपों से बिकता था। लेकिन अब इसमें करीब 40 हजार लीटर की कमी चल रही है। ऐसे 40 हजार लीटर यह रसायन युक्त नकली डीजल मार्केट में जा रहा है।
30-40 रुपये है सस्ता
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार फिलहाल जिले में डीजल 86-87 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन नकली डीजल 30 से 40 रुपये प्रति लीटर सस्ता होता है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स व अधिक डीजल की खपत वाली जगहों पर नकली डीजल सप्लाई हो रहा है।
अन्य मांगों के लिए भी सौंपा ज्ञापन
जींद पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि नकली डीजल का बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा पेट्रोल पंप डीलर्स का कमीशन बढ़ाने, चार साल का बकाया कमीशन देने व एक्साइज व वैट घटने से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई है। यदि 15 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं हुई तो डीलर्स हड़ताल पर चले जाएंगे।