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लगातार तीसरे दिन भी स्कूलों पर बच्चों व ग्रामीणों ने जड़े ताले
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नरवाना। जिले में चिराग योजना और अध्यापकों की तबादला नीति के विरोध में लगातार तीसरे दिन भी नरवाना में चार गांवों के स्कूलों पर बच्चों और ग्रामीणों ने ताले जड़े। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि पहले ही सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। इसके बावजूद बचे-खुचे पदों को भी समाप्त करके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सूचना पाकर सदर थाना नरवाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाने का आश्वासन देकर ताले खुलाए गए।
सुबह आठ बजे स्कूल खुलने के समय ही गांव हंसडहर, ढाकल, धरोदी व कलौदा कलां में बच्चों व ग्रामीणों ने स्कूलों के गेटों पर ताले जड़ दिए और यहां धरना देकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि हंसडहर के स्कूल में पहले ही तीन अध्यापकों की कमी है। इसके बावजूद चार अन्य अध्यापकों का भी यहां से तबादला कर दिया गया है। अब यहां से चार और अध्यापकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण श्रवण कुमार, भाग सिंह, प्रवीण, महबूब, सोनू, भतेरी, सरोज, बिंदर कौर ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है। गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से वंचित करने की योजना सरकार ने चलाई है। उधर कलौदा कलां में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर और काली पट्टी बांधकर विरोध किया। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि यदि इस स्कूल को यहां से उठाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया तो लोग आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। धरोदी में भी बच्चों और ग्रामीणों ने स्कूल को ताला जड़ दिया। सूचना पाकर नरवाना सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन देकर ताले खुलवाए गए।
वर्जन
तीन दिन से जिले के स्कूलों पर ताले जड़े जा रहे हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। शिक्षा निदेशालय को ही इस बारे में फैसला लेना है। स्थानीय स्तर पर इस मामले में कुछ नहीं किया जा सकता। -सुमित्रा देवी, उपजिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
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सुबह आठ बजे स्कूल खुलने के समय ही गांव हंसडहर, ढाकल, धरोदी व कलौदा कलां में बच्चों व ग्रामीणों ने स्कूलों के गेटों पर ताले जड़ दिए और यहां धरना देकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि हंसडहर के स्कूल में पहले ही तीन अध्यापकों की कमी है। इसके बावजूद चार अन्य अध्यापकों का भी यहां से तबादला कर दिया गया है। अब यहां से चार और अध्यापकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण श्रवण कुमार, भाग सिंह, प्रवीण, महबूब, सोनू, भतेरी, सरोज, बिंदर कौर ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है। गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से वंचित करने की योजना सरकार ने चलाई है। उधर कलौदा कलां में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर और काली पट्टी बांधकर विरोध किया। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि यदि इस स्कूल को यहां से उठाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया तो लोग आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। धरोदी में भी बच्चों और ग्रामीणों ने स्कूल को ताला जड़ दिया। सूचना पाकर नरवाना सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन देकर ताले खुलवाए गए।
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तीन दिन से जिले के स्कूलों पर ताले जड़े जा रहे हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। शिक्षा निदेशालय को ही इस बारे में फैसला लेना है। स्थानीय स्तर पर इस मामले में कुछ नहीं किया जा सकता। -सुमित्रा देवी, उपजिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
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