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Jind News: कर्मचारी गए जांच में, स्वास्थ्य लाभ के लिए दर-दर भटकते रहे मरीज
Fri, 28 Mar 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:15 AM IST
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अलेवा। नगूरां पीएचसी के कर्मचारी और अधिकारी करीब एक दो सप्ताह पूर्व किसी जांच के सिलसिले में वीरवार को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच गए। इस कारण पीएचसी में इलाज कराने पहुंचे लोगों को स्वास्थ्य लाभ के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इस कारण नगूरां और आसपास गांव के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों के प्रति रोष है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले नगूरां पीएचसी में किसी बात को लेकर मौजूदा अधिकारी और दो महिला कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। मामला इतना बढ़ गया था कि मामला नगूरां पुलिस चौकी के पास पहुंच गया, लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों मेंं समझौता करवा उस समय तो मामले को शांत करवा दिया। जैसे ही मामला स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से डॉ. संदीप लोहान, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. मंजू के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर पीएचसी में स्थित लगभग एक अधिकारी समेत नौ कर्मचारियों को सिविल सर्जन कार्यालय में तलब कर लिया। विडंबना देखिए कि जांच कमेटी ने धरातल तथा पीएचसी की छुट्टी होने के बाद जांच करने की बजाय कार्यालय समय में ही सभी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को जांच के लिए बुला लिया। इस कारण पूरे दिन पीएचसी में मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। लोगों को इलाज नहीं मिलने के कारण नगूरां और आसपास गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष जताया है। वहीं नगूरा चौकी प्रभारी नफे सिंह ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले उनके पास शिकायत आई थी। इस मामले में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था। इसके बाद क्या विवाद हुआ। इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं।
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स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले नगूरां पीएचसी में किसी बात को लेकर मौजूदा अधिकारी और दो महिला कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। मामला इतना बढ़ गया था कि मामला नगूरां पुलिस चौकी के पास पहुंच गया, लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों मेंं समझौता करवा उस समय तो मामले को शांत करवा दिया। जैसे ही मामला स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा तो सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से डॉ. संदीप लोहान, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. मंजू के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर पीएचसी में स्थित लगभग एक अधिकारी समेत नौ कर्मचारियों को सिविल सर्जन कार्यालय में तलब कर लिया। विडंबना देखिए कि जांच कमेटी ने धरातल तथा पीएचसी की छुट्टी होने के बाद जांच करने की बजाय कार्यालय समय में ही सभी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को जांच के लिए बुला लिया। इस कारण पूरे दिन पीएचसी में मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। लोगों को इलाज नहीं मिलने के कारण नगूरां और आसपास गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष जताया है। वहीं नगूरा चौकी प्रभारी नफे सिंह ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले उनके पास शिकायत आई थी। इस मामले में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था। इसके बाद क्या विवाद हुआ। इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं।
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