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Jind News: किलोमीटर स्कीम के विरोध में कर्मचारी एकजुट, चक्का जाम की चेतावनी
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23जेएनडी01: रोडवेज डिपो पर मौजूद रोडवेज कर्मचारी। स्रोत कर्मचारी।
जींद। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ की सोमवार को जींद डिपो के यूनियन कार्यालय में बैठक हुई। डिपो प्रधान अनिल गौतम की अध्यक्षता और सचिव जयवीर पोली के संचालन में हुई सभा में चालक, परिचालक, तकनीकी स्टाफ और कर्मचारियों ने शिरकत की।
पूर्व राज्य प्रधान आजाद गिल ने सरकार की किलोमीटर स्कीम पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि निजी बसों को दिया जाने वाला भुगतान रोडवेज की लागत से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह सरकारी खजाने की लूट और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा रोडवेज का लक्ष्य लोक सेवा है, जबकि निजी बस मालिकों का एकमात्र उद्देश्य मुनाफाखोरी है। राज्य कार्यकारी महासचिव संदीप रंगा ने कहा कि जहां प्रदेश को 10,000 बसों की जरूरत है लेकिन बसों की संख्या बेहद कम है। इससे ग्रामीण रूट प्रभावित हो रहे हैं। बैठक में सरकार से बसों समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान सज्जन कंडेला, कूका, सुरेश, जितेंद्र और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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डिपो प्रधान अनिल गौतम ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पूरे हरियाणा में रोडवेज का चक्का जाम कर दिया जाएगा। आंदोलन को तहसील स्तर से चंडीगढ़ तक ले जाया जाएगा। वहीं, कार्यकारिणी में सुरेंद्र जांगड़ा को वरिष्ठ उप प्रधान, सतीश सैनी को प्रेस प्रवक्ता और अनिल ढांडा को मुख्य संगठन सचिव की जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
यह हैं मांगें
पूर्व राज्य प्रधान आजाद गिल ने किलोमीटर स्कीम का पूर्ण बहिष्कार कर विभाग में निजी बसों की एंट्री पर रोक लगाने, पांच हजार नई सरकारी बसों की तत्काल खरीद, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और एचकेआरएन के बजाय पक्की भर्तियां, परिचालकों व चालकों के वेतनमान में संशोधन, वर्कशॉप में आधुनिक मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता की मांग की।
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पूर्व राज्य प्रधान आजाद गिल ने सरकार की किलोमीटर स्कीम पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि निजी बसों को दिया जाने वाला भुगतान रोडवेज की लागत से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह सरकारी खजाने की लूट और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
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उन्होंने कहा रोडवेज का लक्ष्य लोक सेवा है, जबकि निजी बस मालिकों का एकमात्र उद्देश्य मुनाफाखोरी है। राज्य कार्यकारी महासचिव संदीप रंगा ने कहा कि जहां प्रदेश को 10,000 बसों की जरूरत है लेकिन बसों की संख्या बेहद कम है। इससे ग्रामीण रूट प्रभावित हो रहे हैं। बैठक में सरकार से बसों समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान सज्जन कंडेला, कूका, सुरेश, जितेंद्र और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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डिपो प्रधान अनिल गौतम ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पूरे हरियाणा में रोडवेज का चक्का जाम कर दिया जाएगा। आंदोलन को तहसील स्तर से चंडीगढ़ तक ले जाया जाएगा। वहीं, कार्यकारिणी में सुरेंद्र जांगड़ा को वरिष्ठ उप प्रधान, सतीश सैनी को प्रेस प्रवक्ता और अनिल ढांडा को मुख्य संगठन सचिव की जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
यह हैं मांगें
पूर्व राज्य प्रधान आजाद गिल ने किलोमीटर स्कीम का पूर्ण बहिष्कार कर विभाग में निजी बसों की एंट्री पर रोक लगाने, पांच हजार नई सरकारी बसों की तत्काल खरीद, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और एचकेआरएन के बजाय पक्की भर्तियां, परिचालकों व चालकों के वेतनमान में संशोधन, वर्कशॉप में आधुनिक मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता की मांग की।