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Jind News: शिक्षा गुणवत्ता पर जोर, कमजोर स्कूलों की होगी विशेष मॉनिटरिंग

Fri, 22 May 2026 11:28 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2026 11:28 PM IST
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Emphasis on Educational Quality: Special Monitoring for Underperforming Schools
22जेएनडी08: जिला मौलिक ​शिक्षा अ​धिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में मौजूद एफएनएल सदस्य। स्रोत
जींद। निपुण भारत मिशन के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आधारभूत साक्षरता सुधारने के लिए जिला स्तर पर डीपीआईयू बैठक आयोजित की गई। बैठक में निपुण गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता और कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों की समीक्षा की गई।
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अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और पीटीएम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महेंद्र सिंह ने की। बैठक में जिले के सभी खंडों में चल रही निपुण गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
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जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने निपुण डैशबोर्ड पर कक्षा और अध्यापक अपडेट रिपोर्ट की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक खंड में निपुण गतिविधियों के आधार पर पांच सर्वश्रेष्ठ और पांच कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की सूची तैयार की गई है।
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इन विद्यालयों की उपलब्धियों और कमियों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया गया। बैठक में एसपीआईयू सदस्य आयुषी राय ने जिला स्तरीय पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से निपुण गतिविधियों की जानकारी दी।
बाल वाटिका में शून्य नामांकन वाले विद्यालयों और 10 या उससे कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक व मिडिल स्कूलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ऐसे विद्यालयों में विशेष नामांकन अभियान चलाने और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल से जोड़ने के निर्देश दिए।
ड्रॉप आउट बच्चों को दोबारा स्कूलों में लाने के लिए खंड स्तर पर रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। आगामी पीटीएम को प्रभावी बनाने के लिए अभिभावकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उपस्थिति की जानकारी अभिभावकों के साथ सांझा की जाए। बैठक में क्लास रेडीनेस प्रोग्राम और स्किल पास बुक को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया। सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से अपने-अपने खंड की उपलब्धियां और चुनौतियां साझा कीं।

विद्यालयों के नियमित निरीक्षण से ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने एफएलएन विजिट पूरी नहीं की है, उनसे कारण बताओ रिपोर्ट ली जाए। विद्यालयों के नियमित निरीक्षण से ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है। साथ ही सभी अधिकारियों को आगामी पीटीएम में विद्यालयों का दौरा करने और समय पर गूगल लिंक भरने के निर्देश भी दिए गए।
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