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इमरजेंसी के चिकित्सकों ने कहा था मामूली चोट लगी, जांच में टूटी मिलीं हड्डियां

Wed, 01 Sep 2021 11:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 11:41 PM IST
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Emergency doctors said that there was a minor injury, bones were found broken in the investigation
रोहतक में चिकित्सकों द्वारा जारी रिपोर्ट, जिसमें मनजीत की हड्डी टूटी बताई गई है। संवाद - फोटो : Jind
चिकित्सक को धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। लेकिन 29 अगस्त को इमरजेंसी में तीन मरीज हड्डियां टूटने के कारण दर्द से कराहते रहे पर धरती के भगवान का दिल नहीं पसीजा। चिकित्सकों ने तीनों मरीजों को मामूली चोट लगने की बात कही, पर रोहतक पीजीआई में जब इनकी जांच की गई तो दो की हड्डियां टूटी मिलीं। जिस कारण मामला बहुत गंभीर था, लेकिन चिकित्सकों ने लापरवाही के कारण उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया।
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गौरतलब है कि 29 अगस्त शाम को छह बजे गांव रामकली निवासी दीपक, मनजीत व जोगेंद्र को घायल अवस्था में नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया गया था। यह लोग निर्जन गांव में हुए एक झगड़े में घायल हो गए थे। आरोप है कि रात 9 बजे तक यह लोग दर्द से कराहते रहे, लेकिन यहां तैनात चिकित्सकों ने उनका उपचार नहीं किया और कहा कि इनको मामूली चोटें आई हैं। साढ़े आठ बजे डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेश भोला इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को इलाज नहीं करने पर फटकार लगाई। इसके बाद दोनों चिकित्सक ड्यूटी छोड़कर इमरजेंसी वार्ड से चले गए। इसके बाद डॉ. राजेश भोला ने मरीजों का उपचार शुरू किया। सोमवार को तीनों मरीज उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में गए तो मनजीत व दीपक को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। यहां जांच में सामने आया कि दीपक की उंगली टूटी हुई है, जबकि मनजीत की दो जगह से बाजू टूटी हुई है। इससे साफ है कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों को मरीजों के इलाज से कोई लेनादेना नहीं है। हड्डियां टूटने के कारण ही मरीज दर्द से चिल्ला रहे थे, लेकिन यहां तैनात चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। उनको मामूली चोट बताते रहे। घायलों के तीमारदार अनिल कुमार ने कहा कि इस बारे में वह चिकित्सकों के खिलाफ एक अन्य शिकायत भी देंगे ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसा नहीं हो। वहीं सिविल सर्जन मनजीत सिंह ने कहा कि किसने क्या कहा, इसकी जांच की जा रही है। अगर किसी ने यह कहा होगा कि मामूली चोट है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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