{"_id":"6a7230e8e77c1ad5ee00fc91","slug":"electricity-workers-symbolic-strike-continues-for-the-second-day-bhakiyu-extends-support-jind-news-c-199-1-jnd1012-157863-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: बिजली कर्मियों की सांकेतिक हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, भाकियू ने दिया समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: बिजली कर्मियों की सांकेतिक हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, भाकियू ने दिया समर्थन
विज्ञापन
फोटो 4एसएफडीएम3मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली कर्मी। संवाद
सफीदों। संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की सफीदों इकाई के कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी तीन घंटे की सांकेतिक हड़ताल जारी रखी। सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
हड़ताल के कारण कार्यालयों का नियमित कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों के आंदोलन को दूसरे दिन भारतीय किसान यूनियन का भी समर्थन मिला। यूनिट प्रधान पंकज भाटिया, यूनिट सचिव रविंद्र सैनी, कार्यकारी अभियंता अमित सिंह, सुरेश खरब, अनिल पूनिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल व्यापक स्तर पर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बिजली निगमों के सभी कर्मचारी संगठन साझा मांगों को लेकर एक मंच पर आ चुके हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली निगमों के निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था लागू करने और नया कृषि वितरण निगम बनाने के प्रस्ताव का वे लगातार विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि इन नीतियों से बिजली व्यवस्था प्रभावित होगी, उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और कर्मचारियों के अधिकारों पर भी असर पड़ेगा। कर्मचारियों ने सरकार से इन प्रस्तावों को तत्काल वापस लेने और लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन से प्रदेश प्रवक्ता छाजूराम कंडेला, नवीन कुमार, इकबाल सिंह निम्नाबाद, सुखदेव सिंह प्रधान, वीरेंद्र कुंडू, संजय राणा, दिलबाग फौजी, गौरव मलिक, रामनिवास एवं कुलदीप सिंह ने भी धरने पर जाकर समर्थन दिया।
विज्ञापन
हड़ताल के कारण कार्यालयों का नियमित कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों के आंदोलन को दूसरे दिन भारतीय किसान यूनियन का भी समर्थन मिला। यूनिट प्रधान पंकज भाटिया, यूनिट सचिव रविंद्र सैनी, कार्यकारी अभियंता अमित सिंह, सुरेश खरब, अनिल पूनिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल व्यापक स्तर पर की जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बिजली निगमों के सभी कर्मचारी संगठन साझा मांगों को लेकर एक मंच पर आ चुके हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली निगमों के निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था लागू करने और नया कृषि वितरण निगम बनाने के प्रस्ताव का वे लगातार विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि इन नीतियों से बिजली व्यवस्था प्रभावित होगी, उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और कर्मचारियों के अधिकारों पर भी असर पड़ेगा। कर्मचारियों ने सरकार से इन प्रस्तावों को तत्काल वापस लेने और लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन से प्रदेश प्रवक्ता छाजूराम कंडेला, नवीन कुमार, इकबाल सिंह निम्नाबाद, सुखदेव सिंह प्रधान, वीरेंद्र कुंडू, संजय राणा, दिलबाग फौजी, गौरव मलिक, रामनिवास एवं कुलदीप सिंह ने भी धरने पर जाकर समर्थन दिया।