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Jind News: लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में गरजे बिजली कर्मचारी, सरकार को बताया कर्मचारी और जनविरोधी

Wed, 21 Oct 2026 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:56 PM IST
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Electricity employees protested the decision to grant licenses, calling the government anti-employee and anti-people.
फोटो 21जेएनडी18-नगूरां सब डिविजन कार्यालय में निजीकरण के विरोध में धरना देते बिजली कर्मचारी। स्
जींद। हरियाणा बिजली नियामक आयोग की ओर से गुरुग्राम और नूंह जिलों में इलेवन पावर कंपनी को 25 वर्ष के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने नगूरां सब डिविजन कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना दिया।
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संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फैसले को जनविरोधी बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लाइसेंस रद नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने की अध्यक्षता सब डिविजन प्रधान सुरेंद्र सिंह, राजकुमार, विक्रम बांगड़ और विक्रम मेहरा ने की, जबकि संचालन जगदीश कुंडू ने किया।
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कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण के फैसले से सरकारी बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और इसका खामियाजा कर्मचारियों के साथ आम जनता को भी भुगतना पड़ सकता है। सब डिविजन प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपकर सरकारी बिजली निगमों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने इस फैसले को कर्मचारी और जनविरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। केंद्रीय कमेटी के उप मुख्य संगठनकर्ता राजा शामदो ने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। यह लड़ाई केवल कर्मचारियों की पेंशन और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बचाने की भी है।
उन्होंने कहा कि बिजली वितरण के निजीकरण का गरीब और पिछड़े वर्गों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कर्मचारियों ने घोषणा की कि निजीकरण के विरोध में 22 से 24 अक्तूबर तक प्रदेशभर में तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी।

इससे बिजली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों ने सरकार से इलेवन पावर कंपनी को दिया गया लाइसेंस तुरंत रद करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी। इस अवसर पर एसडीओ आनंद कुमार, जेई अनंतराम, राजकुमार, निशांत रोहिला, सोनू चहल, जगदीश, अजय, अनिल, राजेंद्र, अनिल पोकरी, बलवान ढिल्लों, मनोज, दिलबाग, सुनील मुंडे, संदीप और सोहनलाल मौजूद रहे।
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