जींद। किसान छात्र एकता संगठन ने वीरवार को महामहिम राज्यपाल के नाम चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रणपाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मास्टर डिग्री रद्द करने की मांग की है। युवाओं ने कहा कि सेना में भर्तियों के लिए जिन युवकों ने मेडिकल, शारीरिक दक्षता तथा लिखित परीक्षा दी है, उनको जल्द सेना में भर्ती किया जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं कर सकती है तो फिर उनके पास जो मास्टर डिग्री है, उसको रद्द किया जाए।
संगठन की सीआरएसयू प्रधान रश्मि सोनी ने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी के नाम पर सेना में भर्तियों को रद्द कर दिया। हजारों युवा ऐसे हैं, जिनकी सेना भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा तथा मेडिकल परीक्षा हो चुकी है। वह परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। उनको इंतजार करते हुए तीन वर्ष हो गए लेकिन केंद्र सरकार कोरोना महामारी का नाम लेकर परिणाम घोषित नहीं कर रही है। किसान छात्र एकता संगठन मांग करता है कि जल्द ही सेना के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की जाए ताकि देश सेवा का जज्बा लिए युवाओं को मौका मिले। यदि सरकार ऐसा नहीं करना चाहती है तो फिर उनके पास जो मास्टर डिग्री है, उसको भी रद्द किया जाए। जब इन डिग्रियों का कोई लाभ ही नहीं है तो इनको अपने पास रखकर क्या करना है। सेना की तैयारी कर रहे अमन, प्रवीण, रवि, मंजू व अंजू ने कहा कि हजारों नौजवान आज देश सेवा के लिए तैयार बैठे हैं, लेकिन सरकार उनको कोई मौका नहीं दे रही है। संगठन ने जल्द ही सेना भर्ती में जिन युवाओं के सभी टेस्ट हो चुके हैं, उनकी फाइनल सूची जारी करने की मांग की है।