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आखिरी सांस तक महापुरुषों को मान-सम्मान दिलाने का रहेगा प्रयास : शेर सिंह राणा

Thu, 03 Nov 2022 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2022 12:54 AM IST
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Efforts will be made to give honor and respect to great men till the last breath: Sher Singh Rana
पत्रकारों से बातचीत करते हुए शेर सिंह राणा व अन्य। संवाद - फोटो : Jind
सफीदों। काबुल के सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां भारत लाले वाले एवं राष्ट्रीय जनलोक पार्टी के अध्यक्ष शेर सिंह राणा ने बुधवार को धर्मगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पत्रकार वार्ता कर कहा कि वह आखिरी सांस तक भारतीय महापुरुषों को मान-सम्मान दिलाने का प्रयास करेगा।
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शेर सिंह राणा ने बताया कि वह एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद थे। वहां पर उन्हें पता चला कि अफगानिस्तान में अंतिम भारतीय सम्राट पृथ्वीराज चौहान की समाधि बनी हुई है। वहां पर उस समाधि का घोर अपमान हो रहा है। इस बात का पता चलने पर उनका मन काफी विचलित हुआ और उन्होंने मन में ठाना कि वह पृथ्वीराज चौहान की समाधि की मिट्टी एवं उनकी अस्थियां हिंदुस्तान में लेकर आएंगे। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उसने तिहाड़ में प्लानिंग बनाई और वर्ष 2004 में तिहाड़ जेल से किसी तरह फरार होकर वह बांग्लादेश व दुबई होते हुए अफगानिस्तान पहुंचा। किसी ने बताया कि उनकी समाधि गजनीक देयक काबुल में है और मोहम्मद गौरी की कब्र के पैरों की तरफ बनी हुई है। जब वह वहां पर पहुंचा तो पाया कि समाधि बुरी अवस्था में है तथा लोग उनका अपमान कर रहे हैं। वहां की पुलिस ने उसे पकड़ लिया, लेकिन काफी कोशिशों के बाद वह छुट गए और फिर से गजनीक देयक पहुंचा और समाधि की खुदाई कर वहां से प्राप्त की गई मिट्टी व अस्थियां लेकर भारत आए तथा कुछ धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को वह मिट्टी व अस्थियां सौंप दीं। पृथ्वीराज चौहान की समाधिक की मिट्टी को कोलकाता स्थित गंगा में प्रवाहित कर दिया गया और उस अस्थियों को उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में एक स्मारक का निर्माण करवाकर उसमें रखवाया गया। इस कार्य को संपन्न करने के बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया। वहां पर 13 साल रहकर उसने तिहाड़ से काबुल-कंधार तक एक किताब लिखी। जिस पर बहुत जल्द एक फिल्म का निर्माण हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि वह भारत के महान महापुरुषों को मान-सम्मान दिलाने के लिए अंतिम सांस तक जी तोड़ मेहनत करेंगे। वह जापान के अंदर स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की समाधि की मिट्टी को भी भारत लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से मांग की कि भारत छोड़ने के दौरान वह यहां से ले गए कोहिनूर हीरे को भी इस देश को वापस लौटाए। जबकि अब तो भारतीय मूल के ऋषि सुनक वहां के प्रधानमंत्री बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी राजनीति के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी का हरियाणा में इनेलो के साथ गठबंधन है और आदमपुर उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी भारी मतों से जीतेगा।
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इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय महासचिव युधिष्ठिर, व्यापार सेल के प्रदेशाध्यक्ष रमेश गुप्ता, अश्वनी गुप्ता व रोहित गर्ग मौजूद रहे।
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