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Jind News: डिजिटल तकनीक से होगा शिक्षा का मूल्यांकन, 4 व 5 मई को लगेगा प्रशिक्षण शिविर
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01जेएनडी18: एफएलएस अभियान की जानकारी देते हुए जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ और अन्य । स्रोत संस्थ
जींद। राज्य शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम ने प्रदेशभर में फाउंडेशनल लर्निंग सर्वे मूल्यांकन की तिथियों की घोषणा कर दी है।मूल्यांकन छह से आठ मई तक जिले के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
मूल्यांकन प्रक्रिया में एनसीईआरटी ने सभी फील्ड निरीक्षकों को टेबलेट उपलब्ध कराए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं का सटीक आकलन करना है।
अभियान को सफल बनाने के लिए चार और पांच मई को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ईक्कस में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें सभी फील्ड निरीक्षकों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग और रिपोर्टिंग प्रणाली की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
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मूल्यांकन की निगरानी के लिए एससीईआरटी ने प्रत्येक जिले में दो समन्वयक नियुक्त किए हैं। जींद जिले में डाइट ईक्कस से डॉ. राजेश सैनी और जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉ. राजेश सैनी ने बताया कि डाइट स्तर पर टेबलेट वितरण, केंद्रों की सूची और लॉजिस्टिक की सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी दल भी गठित किए गए हैं।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि सर्वे के परिणामों के आधार पर ही भविष्य की शैक्षिक योजनाएं और सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
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मूल्यांकन प्रक्रिया में एनसीईआरटी ने सभी फील्ड निरीक्षकों को टेबलेट उपलब्ध कराए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं का सटीक आकलन करना है।
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अभियान को सफल बनाने के लिए चार और पांच मई को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ईक्कस में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें सभी फील्ड निरीक्षकों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग और रिपोर्टिंग प्रणाली की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
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मूल्यांकन की निगरानी के लिए एससीईआरटी ने प्रत्येक जिले में दो समन्वयक नियुक्त किए हैं। जींद जिले में डाइट ईक्कस से डॉ. राजेश सैनी और जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉ. राजेश सैनी ने बताया कि डाइट स्तर पर टेबलेट वितरण, केंद्रों की सूची और लॉजिस्टिक की सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी दल भी गठित किए गए हैं।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि सर्वे के परिणामों के आधार पर ही भविष्य की शैक्षिक योजनाएं और सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।