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Jind News: गैर-मान्यता प्राप्त वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग सख्त, तत्काल बंद करने के निर्देश

Thu, 29 Oct 2026 02:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:34 AM IST
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Education Department takes a strict stance on unrecognised private schools; issues orders for their immediate closure.
फोटो 28जेएनडी19-जिला ​शिक्षा अ​धिकारी कार्यालय। संवाद
जींद। जिले में बिना मान्यता के संचालित निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करवाने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही बंद करवाए गए स्कूलों की सूची दो नवंबर तक निदेशालय को भेजने के लिए कहा गया है। निर्देशों के बाद जिले के शिक्षा अधिकारियों ने ऐसे स्कूलों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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सत्र की शुरुआत में भी शिक्षा विभाग की ओर से गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची मांगी गई थी। पिछले दिनों स्थानीय अधिकारियों ने जिले में दो ऐसे स्कूलों को बंद करवाया था। इनमें एक स्कूल जींद खंड और दूसरा अलेवा खंड में था।
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विभाग अब जिले के सभी खंडों में संचालित ऐसे स्कूलों की जानकारी जुटा रहा है ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। जिले में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में किड्स प्ले स्कूलों की संख्या अधिक बताई जा रही है। इन स्कूलों को मान्यता महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दी जाती है। इसके लिए संचालकों को एक साल की मान्यता के लिए आवेदन करना होता है।
आवेदन मिलने के बाद विभाग की टीम स्कूलों का निरीक्षण करती है। इस टीम में शिक्षा विभाग का एक कर्मचारी भी शामिल होता है। इसके बावजूद जिले में कई किड्स प्ले स्कूल बिना पंजीकरण के संचालित होने की बात सामने आई है।


किड्स प्ले स्कूलों के लिए जरूरी नियम
-स्कूल परिसर पूरी तरह स्वच्छ होना चाहिए।
-बच्चों के खेलने के लिए प्ले ग्राउंड की व्यवस्था होनी चाहिए।
-स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
-छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए।
-20 बच्चों पर एक अध्यापक और एक केयर टेकर की व्यवस्था जरूरी है।
-अग्निशमन सुरक्षा और प्राथमिक उपचार की सुविधा होनी चाहिए।
-बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस ले जाने का रिकॉर्ड दुरुस्त रखना होगा।
-प्रत्येक बच्चे का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है।

वर्जन
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिलेभर के गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची मांगी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे स्कूलों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -महेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद
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