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Jind News: शिक्षा विभाग ने 20 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की मांगी सूची
Sat, 06 Jan 2024 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 06 Jan 2024 12:18 AM IST
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05जेएनडी28: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का फोटो।
जींद। शिक्षा विभाग ने 20 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों की सूची अधिकारियों से मांगी है। जींद ब्लॉक से पांच ऐसे स्कूल हैं जिनमें छात्र संख्या 20 से कम है। वहीं स्कूल से छात्र के घर की दूरी का विवरण भी मांगा गया है।
विभाग के निर्देश पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जबकि पिछले साल भी जिले में 20 से ज्यादा स्कूलों को कम छात्र संख्या के नाम पर बंद किया गया था। निदेशालय के निर्देशानुसार सभी बीईओ से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की संख्या मांगी गई है। शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई को लेकर रोजाना नई योजनाएं लेकर आ रहा है और निजी स्कूलों को टक्कर देने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत यह है कि स्कूलों में शिक्षकों के 1800 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में शिक्षकों के 6891 पद स्वीकृत हैं, जबकि 5028 पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं।
शिक्षकों की कमी के चलते सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में तो एक ही शिक्षक कार्यरत है। जिसको प्राचार्य का कार्यभार दिया हुआ है। जिस कारण वह शिक्षक सारा दिन विभाग की ऑनलाइन बैठकों में व्यस्त रहते हैं। वहीं कई स्कूलों में प्राचार्य के साथ-साथ विभिन्न विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा खामियाजा विद्यार्थियों को बोर्ड की परीक्षाओं में भुगतना पड़ सकता है। स्कूलों का परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं आता तो अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने को तवज्जो देते हैं। जींद जिले में सरकारी स्कूलों की कुल संख्या 744 हैं।
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मांगी गई है कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची
मौलिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक से 20 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची मांगी थी। जींद ब्लॉक में पांच ऐसे स्कूल थे, जिनकी छात्र संख्या कम थी। उनकी सूची विभाग को सौंप दी है। इस सूची में चाबरी, मांडो खेड़ी, खेड़ा रामराय, बागनवाला व जीटीपुर के स्कूलों के नाम हैं। इनमें 20 से कम छात्र संख्या है।
-- सुरेंद्र हुड्डा खंड शिक्षा अधिकारी जींद।
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विभाग के निर्देश पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जबकि पिछले साल भी जिले में 20 से ज्यादा स्कूलों को कम छात्र संख्या के नाम पर बंद किया गया था। निदेशालय के निर्देशानुसार सभी बीईओ से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की संख्या मांगी गई है। शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई को लेकर रोजाना नई योजनाएं लेकर आ रहा है और निजी स्कूलों को टक्कर देने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत यह है कि स्कूलों में शिक्षकों के 1800 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में शिक्षकों के 6891 पद स्वीकृत हैं, जबकि 5028 पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं।
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शिक्षकों की कमी के चलते सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में तो एक ही शिक्षक कार्यरत है। जिसको प्राचार्य का कार्यभार दिया हुआ है। जिस कारण वह शिक्षक सारा दिन विभाग की ऑनलाइन बैठकों में व्यस्त रहते हैं। वहीं कई स्कूलों में प्राचार्य के साथ-साथ विभिन्न विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा खामियाजा विद्यार्थियों को बोर्ड की परीक्षाओं में भुगतना पड़ सकता है। स्कूलों का परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं आता तो अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने को तवज्जो देते हैं। जींद जिले में सरकारी स्कूलों की कुल संख्या 744 हैं।
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मांगी गई है कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची
मौलिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक से 20 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची मांगी थी। जींद ब्लॉक में पांच ऐसे स्कूल थे, जिनकी छात्र संख्या कम थी। उनकी सूची विभाग को सौंप दी है। इस सूची में चाबरी, मांडो खेड़ी, खेड़ा रामराय, बागनवाला व जीटीपुर के स्कूलों के नाम हैं। इनमें 20 से कम छात्र संख्या है।