{"_id":"69fe29ad54494b34760a4e39","slug":"due-to-the-lack-of-proper-waste-disposal-garbage-is-being-set-on-fire-at-night-jind-news-c-199-1-sroh1006-153070-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: कूड़ाघर बना शहर...सड़कें वन-वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: कूड़ाघर बना शहर...सड़कें वन-वे
विज्ञापन
08जेएनडी31-शहर के रेलवे रोड पर रात को लगाई गई कूड़े में आग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और शहर कूड़ा घर बन गया है। सड़कों के वन-वे होने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कूड़े के निपटान का समाधान नहीं होने से अब रात के समय जगह-जगह कूड़े के ढेरों में आग लगाई जा रही है। धुआं और बदबू लोगों के लिए नई मुसीबत बन गई है।
शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में कूड़ा फैला है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों और दुकानों के बाहर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है।
सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण सफाई कार्य पूरी तरह प्रभावित है। शहर में करीब एक हजार टन कूड़ा सड़कों और खाली प्लॉटों में बिखरा पड़ा है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर इतने बड़े हो चुके हैं कि राहगीरों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी बाजार क्षेत्रों और रिहायशी कॉलोनियों में देखने को मिल रही है जहां बदबू के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।
रात के समय सफाई व्यवस्था संभालने के प्रयास में कुछ स्थानों पर कूड़े में आग लगाई जा रही है। हालांकि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। धुएं के कारण सुबह तक वातावरण प्रदूषित बना रहता है। कई लोगों ने आंखों में जलन और सांस संबंधी परेशानी की शिकायत भी की है।
विज्ञापन
कूड़े के निपटान की स्थायी व्यवस्था करने की उठाई मांग
दुकानदार सुनील बतरा, रजनीश क्वात्रा, बलजीत रेढू, राहुल खन्ना का कहना है कि ग्राहक बदबू और गंदगी के कारण बाजार में आने से बच रहे हैं जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। शहर के बस स्टैंड, रेलवे रोड, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी और कई कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। आवारा पशु इन ढेरों में मुंह मार रहे हैं जिससे गंदगी और ज्यादा फैल गई है। नालियों में कचरा भरने से पानी निकासी भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों ने जल्द सफाई व्यवस्था बहाल कराने और कूड़े के निपटान की स्थायी व्यवस्था करने की मांग उठाई। यदि आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो शहर में गंदगी और प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वर्जन
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नियमित सफाई कार्य नहीं हो पा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सफाई व्यवस्था का काम शुरू करवा दिया जाएगा। -ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद जींद
विज्ञापन
जींद। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और शहर कूड़ा घर बन गया है। सड़कों के वन-वे होने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कूड़े के निपटान का समाधान नहीं होने से अब रात के समय जगह-जगह कूड़े के ढेरों में आग लगाई जा रही है। धुआं और बदबू लोगों के लिए नई मुसीबत बन गई है।
शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में कूड़ा फैला है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों और दुकानों के बाहर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है।
सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण सफाई कार्य पूरी तरह प्रभावित है। शहर में करीब एक हजार टन कूड़ा सड़कों और खाली प्लॉटों में बिखरा पड़ा है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर इतने बड़े हो चुके हैं कि राहगीरों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा परेशानी बाजार क्षेत्रों और रिहायशी कॉलोनियों में देखने को मिल रही है जहां बदबू के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।
रात के समय सफाई व्यवस्था संभालने के प्रयास में कुछ स्थानों पर कूड़े में आग लगाई जा रही है। हालांकि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। धुएं के कारण सुबह तक वातावरण प्रदूषित बना रहता है। कई लोगों ने आंखों में जलन और सांस संबंधी परेशानी की शिकायत भी की है।
विज्ञापन
कूड़े के निपटान की स्थायी व्यवस्था करने की उठाई मांग
दुकानदार सुनील बतरा, रजनीश क्वात्रा, बलजीत रेढू, राहुल खन्ना का कहना है कि ग्राहक बदबू और गंदगी के कारण बाजार में आने से बच रहे हैं जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। शहर के बस स्टैंड, रेलवे रोड, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी और कई कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। आवारा पशु इन ढेरों में मुंह मार रहे हैं जिससे गंदगी और ज्यादा फैल गई है। नालियों में कचरा भरने से पानी निकासी भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों ने जल्द सफाई व्यवस्था बहाल कराने और कूड़े के निपटान की स्थायी व्यवस्था करने की मांग उठाई। यदि आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो शहर में गंदगी और प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वर्जन
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नियमित सफाई कार्य नहीं हो पा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सफाई व्यवस्था का काम शुरू करवा दिया जाएगा। -ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद जींद