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Jind News: बाबूगिरी से हटाकर रूट पर उतारे जाएंगे चालक-परिचालक
Sun, 02 Jun 2024 02:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 02 Jun 2024 02:28 AM IST
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01जेएनडी25: बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज की बस। संवाद
जींद। रोडवेज में अब स्वस्थ चालकों और परिचालकों से रूट पर ड्यूटी ली जाएगी। इसके लिए रोडवेज निदेशालय ने सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। अब तक रोडवेज में कुछ चालकों-परिचालकों को रूट पर चलाने के बजाय कार्यालय में काम लिया जा रहा था। अब इनके कार्यों की प्राथमिकता रूट पर चलने की रहेगी। इसमें जो बीमार या अन्य किसी तरह की दिव्यांगता से परेशान है उससे कार्यालय का काम लिया जाएगा।
अब जिस डिपो में चालकों-परिचालकों की कमी होगी उनमें कार्यालय का काम न लेकर रूट पर उतारा जाएगा। इससे रूट भी नहीं प्रभावित होगा और चालकों-परिचालकों की वजह से बस के पहिए भी नहीं थमेंगे। जिन कर्मचारियों को पिछले एक वर्ष से रूट पर चलने के बजाए दूसरे कार्यों में लगाया हुआ है, उनको अब दूसरे कार्यों का प्रभाव वापस लेकर रूट पर ही उतारा जाएगा। साथ ही डिपो में रूटों के बजाय अन्य जगहों पर काम कर रहे कर्मचारियों की रिपोर्ट भी रोडवेज निदेशालय में भेजने के निर्देश मिले हैं। दूसरे स्थानों पर काम कर रहे कर्मचारियों का रिकॉर्ड अब रोडवेज निदेशालय में रहेगा। उन कर्मचारियों को दूसरी जगह बदलने के लिए महाप्रबंधकों को रोडवेज निदेशालय से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई गंभीर कारण होगा तो उनको रूट से हटाकर अन्य कार्य लिए जाएंगे। इसके अलावा इस पत्र के माध्यम से उन चालकों और परिचालकों की रिपोर्ट भी मांगी गई है, जिन चालकों और परिचालकों ने पिछले तीन साल में हर साल 500 से कम किलोमीटर का सफर तय किया है। इन कर्मचारियों की रिपोर्ट सभी डिपो को सात दिन के अंदर रोडवेज निदेशालय को भिजवाने के आदेश जारी किए गए हैं।
रोडवेज मुख्यालय की गाइडलाइन का होगा पालन
रोडवेज मुख्यालय की तरफ से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा। इसके लिए जो चालक व परिचालक अन्य कार्यों में लगाए गए हैं, उनसे अन्य कार्य की जिम्मेदारी वापस लेकर रूट पर उतारा जाएगा। इसके लिए चालकों-परिचालकों की ड्यूटी को लेकर पत्र जारी किया गया है। जिले में डिपो की ज्यादातर बसें रूट पर चल रही हैं। -राहुल जैन रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।
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अब जिस डिपो में चालकों-परिचालकों की कमी होगी उनमें कार्यालय का काम न लेकर रूट पर उतारा जाएगा। इससे रूट भी नहीं प्रभावित होगा और चालकों-परिचालकों की वजह से बस के पहिए भी नहीं थमेंगे। जिन कर्मचारियों को पिछले एक वर्ष से रूट पर चलने के बजाए दूसरे कार्यों में लगाया हुआ है, उनको अब दूसरे कार्यों का प्रभाव वापस लेकर रूट पर ही उतारा जाएगा। साथ ही डिपो में रूटों के बजाय अन्य जगहों पर काम कर रहे कर्मचारियों की रिपोर्ट भी रोडवेज निदेशालय में भेजने के निर्देश मिले हैं। दूसरे स्थानों पर काम कर रहे कर्मचारियों का रिकॉर्ड अब रोडवेज निदेशालय में रहेगा। उन कर्मचारियों को दूसरी जगह बदलने के लिए महाप्रबंधकों को रोडवेज निदेशालय से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई गंभीर कारण होगा तो उनको रूट से हटाकर अन्य कार्य लिए जाएंगे। इसके अलावा इस पत्र के माध्यम से उन चालकों और परिचालकों की रिपोर्ट भी मांगी गई है, जिन चालकों और परिचालकों ने पिछले तीन साल में हर साल 500 से कम किलोमीटर का सफर तय किया है। इन कर्मचारियों की रिपोर्ट सभी डिपो को सात दिन के अंदर रोडवेज निदेशालय को भिजवाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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रोडवेज मुख्यालय की गाइडलाइन का होगा पालन
रोडवेज मुख्यालय की तरफ से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा। इसके लिए जो चालक व परिचालक अन्य कार्यों में लगाए गए हैं, उनसे अन्य कार्य की जिम्मेदारी वापस लेकर रूट पर उतारा जाएगा। इसके लिए चालकों-परिचालकों की ड्यूटी को लेकर पत्र जारी किया गया है। जिले में डिपो की ज्यादातर बसें रूट पर चल रही हैं। -राहुल जैन रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।

01जेएनडी25: बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज की बस। संवाद
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