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जींद: गोवंश को शिकार बना रहे खूंखार कुत्ते, लोगाें में भी दहशत
Wed, 15 Feb 2023 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 15 Feb 2023 12:13 AM IST
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जींद। शहर में कुत्तों का पूरा आतंक फैला हुआ है। ये कुत्ते आदमखोर जैसे हो गए हैं। ये शहर में घूम रहे गोवंश को शिकार बना रहे हैं। लोगों पर भी हमले कर उन्हें जख्मी कर रहे हैं। इन कुत्तों का सेक्टरों की तरफ ज्यादा प्रभाव है।इस मामले में जींद विकास संगठन का एक शिष्टमंडल प्रधान राजकुमार गोयल की अध्यक्षता में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार से मिला। सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन संगठन ने साफ कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को मजबूर हो जाएगा।
शहरवासी इस समस्या से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि इस समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर उनके समक्ष सवाल उठाया कि आखिर कि कब तक मांसाहारी कुत्ते जिंदा गाेवंश को नोंच-नोंच कर खाते रहेंगे। शहर के सेक्टर आठ-नौ के डिवाइडर के पास दर्जनों आवारा मांसाहारी कुत्तों का कहर लगातार जारी है। कई घटनाएं होने के बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। वहां पर हर रोज रात के समय गोवंश को नोच-नोच कर खा रहे हैं। अब तक दस से ज्यादा गोवंश कुत्तों के नोचने से घायल हो चुके हैं जबकि तीन-चार गोवंश की मौत भी हो चुकी है। राजकुमार गोयल ने बताया कि कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करवाई जानी चाहिए ताकि कुत्तों की संख्या कम हो सके। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले को गंभीर से नहीं लिया तो जींद विकास संगठन आंदोलन का रूख तैयार करेगा।
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ठंडे बस्ते में गई कुत्तों को पकड़ने की योजना
कुछ समय पहले नगर परिषद ने शहर से कुत्तों को पकड़ने के लिए टीमों के जल्द गठन का दावा किया था। कहा गया था कि यह टीमें शहर में जाकर कुत्तों को पकड़ेगी। सुबह से शाम तक निरीक्षण करेगी लेकिन आज तक ऐसी कोई टीम सामने नजर नहीं आई, लेकिन इन टीमों ने आज तक कुत्तों को पकड़ने का अभियान नहीं चलाया गया। ऐसे में नगर परिषद की यह योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
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पशुपालन विभाग भी नहीं ले रहा रूचि
शहर में रहने वाले कुत्तों पर कार्रवाई करने के लिए पशुपालन विभाग भी रूचि नहीं दिखा रहा है। जबकि पशुपालन विभाग ने नगर परिषद के साथ मिलकर कुत्तों को काबू कर उनकी नसबंदी करानी थी, लेकिन पशुपालन विभाग द्वारा रूचि नहीं दिखाने पर यह योजना शुरू ही नहीं हो पाई। ऐसे में कुत्तों की तादाद लगातार बढ़ रही है और गोवंश को शिकार बना रही है।
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शहरवासी इस समस्या से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि इस समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर उनके समक्ष सवाल उठाया कि आखिर कि कब तक मांसाहारी कुत्ते जिंदा गाेवंश को नोंच-नोंच कर खाते रहेंगे। शहर के सेक्टर आठ-नौ के डिवाइडर के पास दर्जनों आवारा मांसाहारी कुत्तों का कहर लगातार जारी है। कई घटनाएं होने के बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। वहां पर हर रोज रात के समय गोवंश को नोच-नोच कर खा रहे हैं। अब तक दस से ज्यादा गोवंश कुत्तों के नोचने से घायल हो चुके हैं जबकि तीन-चार गोवंश की मौत भी हो चुकी है। राजकुमार गोयल ने बताया कि कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करवाई जानी चाहिए ताकि कुत्तों की संख्या कम हो सके। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले को गंभीर से नहीं लिया तो जींद विकास संगठन आंदोलन का रूख तैयार करेगा।
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ठंडे बस्ते में गई कुत्तों को पकड़ने की योजना
कुछ समय पहले नगर परिषद ने शहर से कुत्तों को पकड़ने के लिए टीमों के जल्द गठन का दावा किया था। कहा गया था कि यह टीमें शहर में जाकर कुत्तों को पकड़ेगी। सुबह से शाम तक निरीक्षण करेगी लेकिन आज तक ऐसी कोई टीम सामने नजर नहीं आई, लेकिन इन टीमों ने आज तक कुत्तों को पकड़ने का अभियान नहीं चलाया गया। ऐसे में नगर परिषद की यह योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
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पशुपालन विभाग भी नहीं ले रहा रूचि
शहर में रहने वाले कुत्तों पर कार्रवाई करने के लिए पशुपालन विभाग भी रूचि नहीं दिखा रहा है। जबकि पशुपालन विभाग ने नगर परिषद के साथ मिलकर कुत्तों को काबू कर उनकी नसबंदी करानी थी, लेकिन पशुपालन विभाग द्वारा रूचि नहीं दिखाने पर यह योजना शुरू ही नहीं हो पाई। ऐसे में कुत्तों की तादाद लगातार बढ़ रही है और गोवंश को शिकार बना रही है।