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Jind News: चिकित्सकों ने कल की हड़ताल को लेकर बनाई रणनीति
Sun, 14 Jul 2024 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:16 AM IST
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13जेएनडी20: बैठक कर हड़ताल को लेकर रणनीति बनाते हुए चिकित्सक। संवाद
जींद। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर शनिवार को चिकित्सकों ने बैठक की। इसकी अध्यक्षता एचसीएमएस के जिला प्रधान डाॅ. विजेंद्र ढांडा ने की। इस दौरान चिकित्सकों ने 15 जुलाई की हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई।
डाॅ. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि एचसीएमएस एसोसिएशन की राज्य कोर समिति की बैठक हुई थी। इसमें 26 जून को स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ बैठक में मांगों की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। सरकार और एचसीएमएस एसोसिएशन के बीच सहमति के बाद डाॅक्टरों ने छह महीने पहले अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था, लेकिन आजतक मानी गई मांगों को पूरा नहीं किया गया। स्पेशलिस्ट कॉडर, पीजी कोर्स के बांड में कमी, एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी डाॅक्टरों के समान एसीपी भत्तों की मांग पूरी नहीं होने पर डाक्टरों में नाराजगी बढ़ी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छह महीने बाद भी मांगों पर एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी डॉक्टरों के समान एसीपी भत्तों की नहीं होने पर बढ़ी नाराजगी पर स्थिति आज भी जस की तस है।
डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर के 3900 पदों में से 1100, एसएमओ के 636 पदों में से 250 पद और निदेशक के आठ पदों में से पांच पद खाली हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है, लेकिन स्पेशलिस्ट कॉडर का प्रस्ताव वित्त विभाग में पिछले चार महीने से अटका हुआ है। पीजी बॉन्ड की राशि में कमी का प्रस्ताव भी छह महीने से लंबित है। बैठक में निर्णय लिया गया कि एचसीएमएस एसोसिएशन अब स्वास्थ्य सुधार आंदोलन शुरू करेगी, ताकि इन मुख्य मुद्दों को उजागर किया जा सके। इसी के रोष स्वरूप सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक सुबह 11 बजे तक ओपीडी नहीं कर रोष जताएंगे। बैठक में डाॅ. रघुवीर पूनिया, डाॅ. संकल्प, डाॅ. विनीता, डाॅ. संतलाल व अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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डाॅ. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि एचसीएमएस एसोसिएशन की राज्य कोर समिति की बैठक हुई थी। इसमें 26 जून को स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ बैठक में मांगों की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। सरकार और एचसीएमएस एसोसिएशन के बीच सहमति के बाद डाॅक्टरों ने छह महीने पहले अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था, लेकिन आजतक मानी गई मांगों को पूरा नहीं किया गया। स्पेशलिस्ट कॉडर, पीजी कोर्स के बांड में कमी, एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी डाॅक्टरों के समान एसीपी भत्तों की मांग पूरी नहीं होने पर डाक्टरों में नाराजगी बढ़ी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छह महीने बाद भी मांगों पर एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और केंद्रीय सरकारी डॉक्टरों के समान एसीपी भत्तों की नहीं होने पर बढ़ी नाराजगी पर स्थिति आज भी जस की तस है।
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डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर के 3900 पदों में से 1100, एसएमओ के 636 पदों में से 250 पद और निदेशक के आठ पदों में से पांच पद खाली हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है, लेकिन स्पेशलिस्ट कॉडर का प्रस्ताव वित्त विभाग में पिछले चार महीने से अटका हुआ है। पीजी बॉन्ड की राशि में कमी का प्रस्ताव भी छह महीने से लंबित है। बैठक में निर्णय लिया गया कि एचसीएमएस एसोसिएशन अब स्वास्थ्य सुधार आंदोलन शुरू करेगी, ताकि इन मुख्य मुद्दों को उजागर किया जा सके। इसी के रोष स्वरूप सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक सुबह 11 बजे तक ओपीडी नहीं कर रोष जताएंगे। बैठक में डाॅ. रघुवीर पूनिया, डाॅ. संकल्प, डाॅ. विनीता, डाॅ. संतलाल व अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

13जेएनडी20: बैठक कर हड़ताल को लेकर रणनीति बनाते हुए चिकित्सक। संवाद
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