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Jind News: इकलौते बेटे थे डॉक्टर सचिन, करवाचौथ पर पत्नी नहीं कर सकीं दीदार
Fri, 10 Oct 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:50 PM IST
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रोहतक। आठ माह पहले शादी के बंधन में बंधी युवती अपने पहले करवाचौथ पर पति का दीदार नहीं कर सकी क्योंकि महम के पास शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे 152 डी पर हुए सड़क हादसे में उनके पशु चिकित्सक पति सचिन की मौत जो हो गई।
सचिन सोनीपत जिले के गांव जागसी के रहने वाले थे। वह दलबीर सिंह की इकलौती संतान थे। सचिन की मां कविता की हालत अभी गंभीर है। रोहतक के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
जयपुर से साथ आए राजस्थान पुलिस के हवलदार दलबीर सिंह ने बताया कि वह भी जागसी गांव के रहने वाले हैं। सचिन के पिता दलबीर के साथ ही राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे। भागखेड़ा निवासी जोगेंदर कौर रिश्ते में सचिन की बुआ थीं जो राजस्थान के बाड़मेर जिले में एएसआई थीं।
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किडनी की दिक्कत के चलते बीमार चल रही थीं। वीरवार को उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोग उनका शव अंतिम संस्कार के लिए भागखेड़ा गांव लेकर आ रहे थे मगर रास्ते में हादसा हो गया।
बाक्स
सचिन चला रहा था कार, कॉल रिसीव न करने पर हुई चिंता
पीजीआई के डेड हाउस पहुंचे दलबीर सिंह ने बताया कि रात करीब 11 बजे एंबुलेंस में शव लेकर रवाना हुए थे। चार वाहनों में उनकी गाड़ी सबसे पीछे थी। 15 किलोमीटर आगे चल रही एक गाड़ी को सचिन चला रहा था। काफी देर तक गाड़ी दिखाई नहीं दी तो सचिन व कीर्ति को कॉल की गई मगर वह रिसीव नहीं हुई। इससे चिंता हुई। फिर और आगे चल रही गाड़ी में सवार परिवार के लोगों को कॉल की गई। तय हुआ कि सभी गाड़ियां एक साथ भागखेड़ा गांव में पहुंचेंगी। इसी बीच निंदाना गांव के पास पहुंचे तो देखा कि सचिन की कार सड़क के किनारे खड़े ट्रक से टकराई हुई थी।
बाक्स
क्रेन की मदद से खींचकर निकालनी पड़ी कार
दलबीर सिंह ने बताया कि कार ट्रक के नीचे फंस गई थी। क्रेन बुलाकर कार को खींचकर पीछे से निकाला जा सका। उस समय तक कीर्ति व कृष्णा देवी की मौत हो चुकी थी। सचिन व उसकी मां कविता की सांसें चल रही थीं क्योंकि कार का कंडक्टर साइड वाला हिस्सा ट्रक से टकराया था। दोनों को महम के सिविल अस्पताल में लेकर गया तो सचिन ने भी दम तोड़ दिया। कविता को निजी अस्पताल लेकर गए।
बाक्स
ट्रक चालक ने लाइट जलाई न अवरोध रखे
सड़क किनारे नो पार्किंग जोन में ट्रक खड़ा था। चालक ने न तो ट्रक की पीछे वाली सिग्नल लाइट जला रखी थी और न ही कोई अवरोध या संकेतक लगाया था। इस कारण कार उससे टकरा गई।
....
पहले मां का किया अंतिम संस्कार, फिर बेटे व मौसी का शव लेकर पहुंचे
जींद के भागखेड़ा गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक दिन में ही मौत हो गई। सड़क हादसे के बाद परिजनों ने पहले जोगेंदर कौर का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। कुछ रिश्तेदार कीर्ति, कृष्णा व सचिन का पोस्टमार्टम कराने पीजीआई आ गए जबकि बाकी भागखेड़ा गांव जोगेंदर कौर का शव लेकर पहुंचे और सुबह ही अंतिम संस्कार कर दिया। दोपहर बाद कृष्णा देवी व कीर्ति का अंतिम संस्कार किया गया जबकि जागसी से आए ग्रामीण सचिन का शव लेकर गए और गांव में अंतिम संस्कार किया।
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सचिन सोनीपत जिले के गांव जागसी के रहने वाले थे। वह दलबीर सिंह की इकलौती संतान थे। सचिन की मां कविता की हालत अभी गंभीर है। रोहतक के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
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जयपुर से साथ आए राजस्थान पुलिस के हवलदार दलबीर सिंह ने बताया कि वह भी जागसी गांव के रहने वाले हैं। सचिन के पिता दलबीर के साथ ही राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे। भागखेड़ा निवासी जोगेंदर कौर रिश्ते में सचिन की बुआ थीं जो राजस्थान के बाड़मेर जिले में एएसआई थीं।
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किडनी की दिक्कत के चलते बीमार चल रही थीं। वीरवार को उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोग उनका शव अंतिम संस्कार के लिए भागखेड़ा गांव लेकर आ रहे थे मगर रास्ते में हादसा हो गया।
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सचिन चला रहा था कार, कॉल रिसीव न करने पर हुई चिंता
पीजीआई के डेड हाउस पहुंचे दलबीर सिंह ने बताया कि रात करीब 11 बजे एंबुलेंस में शव लेकर रवाना हुए थे। चार वाहनों में उनकी गाड़ी सबसे पीछे थी। 15 किलोमीटर आगे चल रही एक गाड़ी को सचिन चला रहा था। काफी देर तक गाड़ी दिखाई नहीं दी तो सचिन व कीर्ति को कॉल की गई मगर वह रिसीव नहीं हुई। इससे चिंता हुई। फिर और आगे चल रही गाड़ी में सवार परिवार के लोगों को कॉल की गई। तय हुआ कि सभी गाड़ियां एक साथ भागखेड़ा गांव में पहुंचेंगी। इसी बीच निंदाना गांव के पास पहुंचे तो देखा कि सचिन की कार सड़क के किनारे खड़े ट्रक से टकराई हुई थी।
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क्रेन की मदद से खींचकर निकालनी पड़ी कार
दलबीर सिंह ने बताया कि कार ट्रक के नीचे फंस गई थी। क्रेन बुलाकर कार को खींचकर पीछे से निकाला जा सका। उस समय तक कीर्ति व कृष्णा देवी की मौत हो चुकी थी। सचिन व उसकी मां कविता की सांसें चल रही थीं क्योंकि कार का कंडक्टर साइड वाला हिस्सा ट्रक से टकराया था। दोनों को महम के सिविल अस्पताल में लेकर गया तो सचिन ने भी दम तोड़ दिया। कविता को निजी अस्पताल लेकर गए।
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ट्रक चालक ने लाइट जलाई न अवरोध रखे
सड़क किनारे नो पार्किंग जोन में ट्रक खड़ा था। चालक ने न तो ट्रक की पीछे वाली सिग्नल लाइट जला रखी थी और न ही कोई अवरोध या संकेतक लगाया था। इस कारण कार उससे टकरा गई।
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पहले मां का किया अंतिम संस्कार, फिर बेटे व मौसी का शव लेकर पहुंचे
जींद के भागखेड़ा गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक दिन में ही मौत हो गई। सड़क हादसे के बाद परिजनों ने पहले जोगेंदर कौर का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। कुछ रिश्तेदार कीर्ति, कृष्णा व सचिन का पोस्टमार्टम कराने पीजीआई आ गए जबकि बाकी भागखेड़ा गांव जोगेंदर कौर का शव लेकर पहुंचे और सुबह ही अंतिम संस्कार कर दिया। दोपहर बाद कृष्णा देवी व कीर्ति का अंतिम संस्कार किया गया जबकि जागसी से आए ग्रामीण सचिन का शव लेकर गए और गांव में अंतिम संस्कार किया।