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बुखार आने पर लापरवाही न बरतें : राजेश
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08जेएनडी02: मच्छर जनित बीमारियों से बचाव अभियान के तहत स्वास्थ्य ग्रामीणों को पंपलेट देकर जागर
जींद। बरसोला गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश कुमार के नेतृत्व में रैपिड फीवर मास सर्वे अभियान चलाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और मौसमी और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव की जानकारी दी।
स्वास्थ्य कर्मियों की टीम में सुमित कुमारी, अंजू, जयवीर नेहरा, सुशील शर्मा, भूपेंद्र यादव और पवन कुमार शामिल रहे। टीम ने गांव के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान की और मलेरिया की जांच के लिए रक्त पट्टिकाएं तैयार की ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश कुमार ने बताया कि अभियान के तहत नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मलेरिया में ठंड लगने के साथ तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
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स्वास्थ्य कर्मियों की टीम में सुमित कुमारी, अंजू, जयवीर नेहरा, सुशील शर्मा, भूपेंद्र यादव और पवन कुमार शामिल रहे। टीम ने गांव के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान की और मलेरिया की जांच के लिए रक्त पट्टिकाएं तैयार की ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।
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स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश कुमार ने बताया कि अभियान के तहत नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मलेरिया में ठंड लगने के साथ तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
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