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घरों के आसपास जलजमाव न होने दें : दिनेश कुमार
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16जेएनडी06: ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराय के तत्वावधान में वीरवार को जलालपुर खुर्द गांव में स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और एनीमिया से बचाव के प्रति जागरूक किया।
एमपीएचडब्ल्यू दिनेश कुमार व इंदु शर्मा ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। उन्होंने कूलर, गमलों, पुराने टायरों और पानी की टंकियों को नियमित साफ करने की सलाह दी।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाएं और घरों के आसपास जलजमाव न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेज बुखार या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।
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सीएचओ सीमा ने बताया कि आयोडीन बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामीणों को गुड़, चना, हरी सब्जियां और आयरन युक्त आहार लेने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि यदि जांच में खून की कमी पाई जाती है तो स्वास्थ्य केंद्र से मिलने वाली आयरन की गोलियों का सेवन अवश्य करें। इस अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। गांव में सफाई व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।
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एमपीएचडब्ल्यू दिनेश कुमार व इंदु शर्मा ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। उन्होंने कूलर, गमलों, पुराने टायरों और पानी की टंकियों को नियमित साफ करने की सलाह दी।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाएं और घरों के आसपास जलजमाव न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेज बुखार या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।
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सीएचओ सीमा ने बताया कि आयोडीन बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामीणों को गुड़, चना, हरी सब्जियां और आयरन युक्त आहार लेने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि यदि जांच में खून की कमी पाई जाती है तो स्वास्थ्य केंद्र से मिलने वाली आयरन की गोलियों का सेवन अवश्य करें। इस अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। गांव में सफाई व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।