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दूसरे राज्यों में किया जा रहा है गर्भपात : अतिरिक्त प्रधान सचिव
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:34 AM IST
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मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव राकेश गुप्ता ने कहा कि कई जिलों से गर्भवती महिलाओं का गर्भपात हरियाणा के साथ लगते अन्य राज्यों में कराने की भी सूचनाएं हैं। ऐसा करने वाले अन्य राज्यों के चिकित्सकों के खिलाफ भी कार्रवाई करने में किसी प्रकार की देरी न करें। अतिरिक्त प्रधान सचिव ने बृहस्पतिवार को यह बात जिला उपायुक्तों की एक वीडियो कांफ्रेंसिंग को संबोधित करते हुए कही।
जिला उपायुक्तों को हिदायत देते हुए कहा कि दूसरे राज्यों के जिन जिलों में गर्भपात कराने की सूचनाएं मिलती है, तो उस जिले के उपायुक्त से तुरंत बातचीत करें, ताकि प्रदेश से बाहर होने वाली कन्या भ्रूण पर भी पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके। प्रदेश से कन्या भ्रूण हत्या का कलंक मिटाने के लिए सभी विभाग मिलकर संयुक्त रूप से प्रयास करें। ऐसा माहौल तैयार करें, जिससे कन्या भ्रूण हत्या के विचार का परित्याग कर लोग कन्या के जन्म पर नाचें गाएं और जश्न मनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या को लेकर धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। कई जिलों के लिंगानुपात की स्थिति में काफी संतुलन स्थापित हुआ है, लेकिन इसके लिए और प्रयास करने होंगे, तभी इस विकट स्थिति से प्रदेश को बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने जिला उपायुक्तों को कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल में लाने के आदेश दिए।
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खराब लिंगानुपात वाले जिलों की डीसी लेंगे बैठक
जिन जिलों में फिलहाल लिंगानुपात में कोई सुधार नहीं हुआ है, उन जिलों के अधिकारियों की मुख्यमंत्री जल्द ही वीडियो कांफ्रेेंसिंग के माध्यम से बैठक लेंगे। अतिरिक्त प्रधान सचिव ने बताया कि प्रदेश के हर जिले में हरियाणा की बेटी नामक एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कराया जाएगा। अक्तूबर तथा नवंबर माह में बेटी की सांझी नामक शीर्षक से सांझी प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ दो चरणों में पूरी होने वाली योजना है, जिसका प्रथम चरण बेटी बचाओ तथा दूसरा चरण बेटी पढ़ाओ का है। प्रथम चरण पर तो कई तरह की गतिविधियां की जा रही है। अगले माह दो नवंबर से दूसरे चरण पर भी काम शुरू करवाया जाएगा।
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स्कूल छोड़ चुकी 343 लड़कियों को दोबारा दिलवाया दाखिला
अतिरिक्त प्रधान सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी से पूछा कि पढ़ाई छोड़ चुकी कितनी लड़कियों का स्कूलों में पुन: दाखिला हुआ है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दसवीं कक्षा में 220 और बारहवीं में 123 पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियों का दाखिला कराया गया है। जींद जिला में पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियों की संख्या अधिक नहीं है। लगभग सभी लड़कियों का दाखिला स्कूलों में कराया जा चुका है।